Published On : Tue, Aug 3rd, 2021

राज्य में खेल नीति व खेल संस्कृति को संरक्षित करने का निर्णय

शालेय शिक्षण राज्य मंत्री बच्चू कडू की अध्यक्षता व विधायक डॉ. परिणय फुके की प्रमुख उपस्थिति में हुई बैठक

गोंदिया। राज्य के अतिदुर्बल व वंचित आदिवासी विद्यार्थियों को विधान परिषद सदस्य डॉ. परिणय फुके के विशेष प्रयासों से एक बार फिर व्यवसायिक खेलों का अवसर प्रदान होगा।

विशेष उल्लेखनीय है कि, महाराष्ट्र राज्य में सबसे कमजोर व वंचित आदिवासी छात्रों को कौशल आधारित व्यवसाय के अवसर प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा चलायी जा रही व्यवसाय शिक्षण योजना से शारीरिक शिक्षण एंव क्रीड़ा विषय शासन ने बंद कर दिया था, नतीजतन छात्रों को इस विषय के व्यवसायिक पाठ्यक्रम से वंचित होना पड़ा वहीं यह विषय पढ़ाने वाले राज्य के क्रीड़ा शिक्षकों की भी नौकरी चली गई और उनपर बेरोजगारी का संकट आन पड़ा।

राज्य में खेल नीति व खेल संस्कृति को संरक्षित करने का कार्य सरकार द्वारा किया जाना चाहिए लेकिन खेल विषयों को बंद करने का अन्यायपूर्ण निर्णय खेल क्षेत्र का हनन करना है।

इसी के मुद्देनजर व्यवसायिक शिक्षकों की समस्याओं को समझकर राज्य में खेल नीति अपनायी जाए तथा राज्य के सबसे कमजोर व वंचित आदिवासी विद्यार्थियों को भी खेल शिक्षा मिलनी चाहिए इस उद्देश्य से राज्य में खेल विषयों को पुनः शुरू करते हुए शिक्षकों की समस्या हल की जाए तद्हेतु शासन के साथ व्यवसाय शिक्षक महासंघ की एक बैठक विधायक डॉ. परिणय फुके की प्रमुख उपस्थिती तथा शालेय शिक्षण राज्यमंत्री बच्चू कडू की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

बैठक में शिक्षकों की समस्याओं पर चर्चा करते हुए खेल विषय शुरू करने का निर्णय लिया गया। साथ ही इसे इस शैक्षणिक वर्ष से लागू करना आवश्यक है इसके लिए डॉ. फुके के प्रयासों से इस शैक्षणिक वर्ष से राज्य के अतिदुर्बल व वंचित आदिवासी विद्यार्थियों के लिए खेल विषय पुनः शुरू करने और खेल नीति को सही मायने में लागू करने का काम उन्हें सौंपा गया है।

राज्य के सभी खेल शिक्षकों व व्यवसाय शिक्षक महासंघ ने तद्हेतु डॉ. परिणय फुके के प्रति आभार प्रकट किया है।