
नागपुर – वाहन बीमा पॉलिसी के नवीनीकरण के नाम पर साइबर ठगों ने लोगों को निशाना बनाने का नया तरीका अपनाया है। बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि बनकर वाहन मालिकों को फोन किया जा रहा है और ऑनलाइन भुगतान के जरिए पॉलिसी रिन्युअल कराने का दबाव बनाया जा रहा है। खास बात यह है कि ठगों के पास वाहन मालिक की पॉलिसी, मोबाइल नंबर और पते जैसी जानकारी पहले से मौजूद रहती है, जिससे वे आसानी से विश्वास कायम करने की कोशिश करते हैं।
शहर में सामने आए एक मामले में कार मालिक को करीब एक साल पहले से लगातार बीमा नवीनीकरण के नाम पर फोन किए जा रहे थे। कॉल करने वाले ने खुद को बीमा एजेंट बताते हुए ऑनलाइन भुगतान करने के लिए कहा। वाहन मालिक द्वारा भुगतान से इनकार करने पर आरोपी ने कथित तौर पर बदतमीजी और गाली-गलौज शुरू कर दी।
मामले के अनुसार, वाहन मालिक ने अपनी कार का बीमा इंडसइंड जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से कराया था। इसके बाद कथित एजेंट सुनील यादव के नाम से 9315420074 नंबर से लगातार संपर्क किया गया। परेशान होकर वाहन मालिक ने नंबर ब्लॉक कर दिया। इसके बाद दूसरे नंबर 7065303011 से संपर्क कर फिर ऑनलाइन भुगतान के लिए दबाव बनाने का प्रयास किया गया।
साइबर ठगों द्वारा बीमा कंपनियों और पॉलिसी बाजार जैसी ऑनलाइन सेवाओं के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को भरोसे में लेने की कोशिश की जा रही है। बताया जा रहा है कि दिल्ली और राजस्थान के अलग-अलग मोबाइल नंबरों से भी इस तरह के कॉल किए जा रहे हैं।
डेटा लीक होने से बढ़ रहा खतरा
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, ऑनलाइन बीमा सेवाओं के दौरान साझा की गई व्यक्तिगत जानकारी के दुरुपयोग का खतरा बना रहता है। वाहन मालिक का मोबाइल नंबर, पता, पॉलिसी संबंधी जानकारी आदि ठगों तक पहुंचने के बाद उसका इस्तेमाल फर्जी कॉल और ठगी के प्रयास में किया जा सकता है।
विशेषज्ञों ने नागरिकों को सलाह दी है कि बीमा रिन्युअल के लिए फोन करने वाले किसी भी व्यक्ति पर तुरंत भरोसा न करें। कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत कार्यालय से नंबर की पुष्टि करने के बाद ही भुगतान करें। किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने, ओटीपी बताने या संदिग्ध ऐप डाउनलोड करने से भी बचना चाहिए।
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत
साइबर विशेषज्ञ अमित भुरे ने नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है। उनके अनुसार, बीमा नवीनीकरण के नाम पर आने वाले संदिग्ध कॉल की पहले पुष्टि करें। संभव हो तो अधिकृत बीमा एजेंट या कंपनी के आधिकारिक माध्यम से ही पॉलिसी का नवीनीकरण कराएं। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं।




