Published On : Tue, May 1st, 2018

Video: विधानभवन पर विदर्भ का झंडा फ़हराने जा रहे विदर्भवादियों पर पुलिस ने भांजी लाठियाँ

नागपुर: पृथक विदर्भ आंदोलन समिति ने महाराष्ट्र दिवस के अवसर पर नागपुर स्थित विधानभवन में विदर्भ का झंडा फ़हराने का ऐलान किया था। इसी ऐलान के तहत हजारों विदर्भवादियों ने मंगलवार दोपहर को विधानभवन में कूंच कर दी। यशवंत स्टेडियम से निकला यह मोर्चा कस्तूरचंद पार्क पहुँचा जहाँ पुलिस ने बैरीगेट लगाकर विदर्भ राज्य समर्थको का रास्ता रोक दिया।

इस बात से गुस्साऐ विदर्भवादियों की पुलिस से झड़प हुई। उग्र प्रदर्शनकरियो को शांत करने के लिए पुलिस ने बल प्रायोग कर लाठियाँ भांजी जिसमे सात प्रदर्शनकारी घायल हो गए। घायलों में रवि वानखेड़े, बंटी केजरीवाल, बबलू वानखेड़े, राजू मिस्त्री, सौरभ मिर्जा, कैलाश गणेशे और रामेश्वर वानखेड़े शामिल है। रवि वानखेड़े और कैलाश गणेशे लाठीचार्ज में गंभीर जख़्मी हो गए जिनका बाद में पुलिस के द्वारा ही मेडिकल कराया गया।

विधानभवन में विदर्भ का झंडा फ़हराने निकले प्रदर्शनकारियों में से सैकड़ो कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिए। पुलिस वैन में भरकर इन सभी को पुलिस लाइन टाकली स्थित पुलिस ग्राउंड ले जाया गया जहाँ से देर शाम इन्हे छोड़ दिया गया। कार्यकर्ताओ के साथ प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे नेता राम नेवले, वामनराव चटप, प्रबीर चक्रवर्ती के साथ अन्य को भी हिरासत में लिया गया था।

पुलिस द्वारा झंडा फहराने से रोकने और लाठीचार्ज की घटना को राम नेवले ने शर्मनाक बताया है। उनका कहना है की यह बीजेपी की आंदोलनों की दमन निति का प्रदर्शन है। विदर्भवादियों को उनकी ही विधानसभा में अपने प्रदेश का झंडा फ़हराने से रोका जाता है। जबकि इस काम के लिए सरकार पुलिस को हथियार बनाती है।


ये वही सरकार है जब पूर्व में इनके विपक्ष में रहने के दौरान हम प्रदर्शन करते थे तो यही हमारा थे। बीजेपी ने विदर्भ राज्य देने का लिखित वादा किया था जिसे सत्ता की लालच में भुला दिया गया है। लेकिन जनता सब जानती है इसका सबक बीजेपी को जरूर सिखाया जाएगा। सत्ता अस्थाई है लेकिन विदर्भ राज्य और विधानसभा स्थाई, बीजेपी को यह नहीं भूलना चाहिए की नागपुर में स्थित विधानभवन कभी महाराष्ट्र का नहीं रहा पूर्व में यह मध्य प्रान्त की विधानसभा थी और अब सिर्फ विदर्भ की है।