Published On : Mon, Sep 22nd, 2014

बुलढाणा : जिला परिषद पर कांग्रेस-राकांपा का कब्जा बरकरार


अल्का खंडारे अध्यक्ष, पांडुरंग खेड़ेकर उपाध्यक्ष निर्वाचित

Alka Khandare
बुलढाणा 
लगभग एकतरफा हुए चुनाव में कांग्रेस की अल्का खंडारे जिला परिषद की अध्यक्ष चुनी गर्इं, जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के पांडुरंग खेड़ेकर उपाध्यक्ष चुने गए. इस दफा जिला परिषद का अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित था.

कल संपन्न जिला परिषद के अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए कांग्रेस की ओर से अल्का चित्तरंंजन खंडारे और शिवसेना की ओर से अशोक तुकाराम इंगले ने पर्चा भरा था. उपाध्यक्ष पद के लिए राकांपा के पांडुरंग अमृतराव खेड़ेकर ने दो पर्चे भरे थे. उनका मुकाबला भाजपा के संतोष जनार्दन चनखोर से था. अध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस की अल्का खंडारे ने शिवसेना के अशोक इंगले को पटखनी दे दी. अल्का खंडारे को 42 मत मिले, जबकि इंगले को महज 12 वोट ही मिल पाए. उसी तरह उपाध्यक्ष के चुनाव में पांडुरंग खेड़ेकर ने 12 के मुकाबले 42 वोटों से संतोष चनखोरे को पराजित कर दिया. तीन जिला परिषद मतदान के दौरान उपस्थित नहीं थे.

Pandurang khadekar
चुनाव प्रक्रिया पीठासीन अधिकारी और अपर जिलाधिकारी चिंतामण जोशी, तहसीलदार दिनेश गिते ने संभाली. जिला परिषद में कांग्रेस-राकांपा गठबंधन का बहुमत होने के कारण चुनाव एकतरफा ही हुआ. अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद की माला घाट के ऊपर के उम्मीदवारों के गले में पड़ी. अल्का खंडारे जहां मेहकर तालुका के विशवी जिला परिषद सर्कल से निर्वाचित हैं, वहीं पांडुरंग खेड़ेकर सिंदखेड़राजा तालुका के मेरा बु. जिला परिषद सर्कल से चुने गए हैं. पिछली बार घाट के नीचे के उम्मीदवारों को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का पद देने का आग्रह विधायक दिलीपकुमार सानंदा ने किया था, जिसके चलते घाट के नीचे रहने वाली वर्षाताई वनारे को अध्यक्ष और पांडुरंगदादा पाटिल को
उपाध्यक्ष पद मिला था.