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    Published On : Fri, Jan 3rd, 2020

    कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष के लिए चौहान-चतुर्वेदी में खींचतानी

    मंत्रिमंडल में स्थान पाने से महरूम रहे पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चौहान और पुनः कांग्रेसी बने पूर्व मंत्री सतीश चतुर्वेदी कांग्रेस की राजनीत के मुख्यधारा में आने के लिए ललायित प्रदेशाध्यक्ष बनने के लिए संघर्ष कर रहे.

    नागपुर: राज्य में महाविकास आघाड़ी की सरकार बनने के बाद रिक्त होने वाली कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष पद के लिए खींचातानी शुरू हो गई हैं.इस पद के लिए पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चौहान और पूर्व मंत्री सतीश चतुर्वेदी के मध्य स्पर्धा देखी जा रही हैं,ऐसी चर्चा दिल्ली,मुंबई,नागपुर के कोंग्रेसियों में गर्मागरम चर्चा का विषय बना हुआ हैं.

    याद रहे कि कांग्रेस के वर्त्तमान प्रदेशाध्यक्ष बालासाहेब थोरात पिछले दिनों शिवसेना प्रमुख व वर्त्तमान मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के मंत्रिमंडल में मंत्री बनाये गए.इसलिए लाजमी हैं कि उन्हें ‘एक व्यक्ति,एक पद’ के सिद्धांत के अनुसार थोरात को प्रदेशाध्यक्ष पद छोड़ना पड़ेंगा।थोरात के अलावा कांग्रेस के ही पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चौहाण भी मंत्रिमंडल का अहम् हिस्सा हैं,इसलिए मंत्रिमंडल में स्थान पाने से महरूम रहे पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चौहान और पुनः कांग्रेसी बने पूर्व मंत्री सतीश चतुर्वेदी कांग्रेस की राजनीत के मुख्यधारा में आने के लिए ललायित प्रदेशाध्यक्ष बनने के लिए संघर्ष कर रहे.

    गत वर्ष लोकसभा चुनाव में राज्य में कांग्रेस की करारी हार हुई,एकमात्र कांग्रेस उम्मीदवार,वह भी शिवसेना से कांग्रेस में आया,इसी ने सिर्फ जीत हासिल की थी,तत्कालीन प्रदेशाध्यक्ष अशोक चौहाण ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दे दिया था.इनकी जगह विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र बालासाहेब थोरात को प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई.इनके नेतृत्व विस चुनाव में अच्छी सफलता मिली,४४ उम्मीदवारों ने जीत हासिल की.इसके बाद राजकीय नाटकीय घटनाक्रम में भाजपा को सत्ता से बेदखल करने के लिए शिवसेना के नेतृत्व में सेना-एनसीपी-कांग्रेस की तिकड़ी सरकार बनी.जिसमें थोरात व चौहाण मंत्रिमंडल में शामिल हुए.विस अध्यक्ष बनने के इच्छुक पृथ्वीराज चौहान को तीनों पक्षों का समर्थन न मिलने से वे विधानसभा अध्यक्ष बनने से चूक गए,इनकी जगह किसी भी बड़ी जिम्मेदारी को संभालने के लिए आतुर नाना पटोले को विधानसभा अध्यक्ष बना दिया गया.

    थोरात के मंत्री बनने से रिक्त होने वाली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए पृथ्वीराज चौहान और सतीश चतुर्वेदी में रस्साकशी शुरू हैं.चौहान नियमानुसार काम करने के लिए जाने जाते हैं तो चतुर्वेदी का कार्यक्षेत्र सिमित हैं.इनका पुत्र विधानसभा चुनाव के पूर्व शिवसेना का हिस्सा बन गया.अब देखना यह हैं कि कांग्रेस आलाकमान किसके नाम पर मुहर लगाती हैं या फिर दो की लड़ाई में किसी तीसरे ऊर्जावान को प्रदेशाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपती हैं.

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