Published On : Wed, Jun 6th, 2018

दिल्ली सहित 3 राज्यों में हो सकता है कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच गठबंधन!

नई दिल्ली: 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी के खिलाफ विपक्षी दल एकजुट हो रहे हैं। नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी को मात देने के लिए विपक्षी दलों ने एक होकर चुनाव लड़ने की कवायद पहले ही शुरू कर दी थी जब कर्नाटक में जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन की सरकार के शपथ ग्रहण के दौरान तमाम विपक्षी दलों के मुखिया एक मंच पर दिखाई दिए थे। उनमें कुछ ऐसे भी थे जो एक-दूसरे को फूटी आंखों भी नहीं सुहाते हैं। लेकिन राजनीति में बाजी कब पलट जाए, ये कोई नहीं जानता है। कम से कम यूपी में मायावती-अखिलेश के साथ आने के बाद ये कहा जा सकता है

वहीं एक ऐसे ही गठबंधन को लेकर दिल्ली में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच माहौल बनाया जा रहा है ताकि लोकसभा चुनावों में बीजेपी को मात दी जाए। सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा चुनाव 2019 के लिए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच सीटों के फॉर्मूले पर सहमति बन गई है। दिल्ली की 7 लोकसभा सीटों में से 4 सीटों पर आम आदमी पार्टी जबकि 3 सीटों पर कांग्रेस लड़ सकती है।

कांग्रेस-आप का हो सकता है 3 राज्यों में गठबंधन दिल्ली में अगर ये संभव हो पाता है तो केजरीवाल और राहुल गांधी एक मंच से नरेंद्र मोदी के खिलाफ बोलते देखे जा सकते हैं। बता दें कि 2013 में अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की शिला दीक्षित सरकार को उखाड़ फेंका था और कांग्रेस के खिलाफ आंदोलन चलाने के बाद उनके साथ ही मिलकर सरकार बनाई थी लेकिन वो सरकार केवल 49 दिन ही टिक सकी थी।

दिल्ली की 7 सीटों को लेकर सहमति बन गई है- सूत्र अब एकबार फिर ये दोनों दल एकसाथ दिखाई दे सकते हैं जो 2019 लोकसभा चुनाव में बीजेपी का मुकाबला करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच दिल्ली की 7 सीटों को लेकर सहमति बन गई है। सूत्रों का ये भी कहना है कि कांग्रेस और आप गठबंधन कर दिल्ली के अलावा पंजाब और हरियाणा में भी एकसाथ चुनाव लड़ सकते है। पंजाब में 4 सीटों पर आम आदमी पार्टी जबकि 9 पर कांग्रेस चुनाव लड़ सकती है। वहीं, हरियाणा में एक सीट पर आप जबकि 9 सीटों पर कांग्रेस अपने उम्मीदवार उतार सकती है।

बीजेपी को परेशान कर सकता है गठबंधन

इस लिहाज से तीनों राज्यों की कुल 30 में से 9 सीटों पर आम आदमी पार्टी और 21 पर कांग्रेस अपने उम्मीदवार उतार सकती है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि पंजाब और हरियाणा में कांग्रेस किसी ऐसे गठबंधन के लिए राजी नहीं हैं। वहीं अरविंद केजरीवाल द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की तारीफ के बाद ये कयास जरूर लगाए जा रहे हैं कि अगर ये गठबंधन होता है तो बीजेपी के लिए इन राज्यों में परेशानी की बात हो सकती है।