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    Published On : Fri, Nov 27th, 2020

    विकास के नाम पर 7 हजार पेड़ काटने के खिलाफ आवाज उठा रहे है शहरवासी

    नागपुर– नागपुर में अजनी यह वो जगह है, जिसे सारा नागपुर जानता हैं और यहां की हरियाली ही इसकी खूबसूरती की शान है. लेकिन विकास के नाम पर पर अब यह हरियाली ख़तरे में आ गई हैं. एनजीओ और पर्यावरणप्रेमियों की जानकारी के अनुसार कुल 7000 पेड़ हैं, जिसकी वजह से यहां रौनक है, अब इन्हें तोड़ने की तैयारी की जा रही हैं. लेकिन कुछ लोग ऐसे है जो इन पेड़ों को बचाने के लिए आगे आ रहे है और दीवार बनकर इन पेड़ों को बचाने का संकल्प ले रहे है.

    पर्यावरणप्रेमी कुणाल मौर्य ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया की यह पेड़ जिसकी ज़रूरत आज के वक़्त में सभी को कई ज्यादा हैं, इसके बिना मनुष्य जी नहीं सकता, बढ़ते प्रदुषण के कारण आज पर्यावरण को बढ़ावा देना चाहिए, लेकिन विकास के नाम पर इन्हें काटा जा रहा है. यह गलत है. कुणाल ने बताया एक पेड़ 4 लोगों को ऑक्सिजन देता हैं. और यह 7,000 पेड़ 28,000 लोगों को ऑक्सिजन देते है. कुछ पेड़ तो यहाँ 150 सालो से यहाँ मौजूद हैं.

    उन्होंने कहा की नागपुर को दिल्ली नही बनाना हैं और नाही इसे दिल्ली बनाने देंगे. उन्होंने कहा की कई लोग इस मुहीम से जुड़ चुके है और आनेवाले दिनों में इन पेड़ों को बचाने के लिए प्रोटेस्ट भी किए जाएंगे. पुरे नागपुर की यही आवाज़ हैं. भारतवन के बाद अजनीवन को बचाना, यह संकल्प कुणाल और शहर के पर्यावरणप्रेमियों ने लिया है.

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