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    Published On : Sat, Aug 22nd, 2020

    चारगांव के फॉरेस्ट ज़ोन ढाबे से उड़ाया पत्रकार का मोबाइल, आखिर आरोपी को क्यों बचा रहा ढाबा मालिक?

    खापा (नागपुर)।: खापा पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चारगांव स्थित फॉरेस्ट ज़ोन ढाबे से एक पत्रकार के मोबाइल चोरी की घटना सामने आई है। आश्चर्यजनक रूप से गायब हुए इस मोबाइल को लेकर ढाबे में हड़कंप मच गया। संदेह के आधार पर खापा पुलिस ने नागपुर से अपने दोस्तों के साथ इस ढाबे पर पहुंचे लगभग 34 वर्षीय तपन लालवानी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। ढाबे के मालिक रामभाऊ जामगड़े के अनुसार उन्हें अपने स्टाफ पर भी संदेह है।

    गौरतलब है कि ढाबा के मालिक रामभाऊ ने अपने ढाबे में कराओके मशीन लगाई है एवं गाने के लिए ग्राहकों को ये दिया जाता है। 19 अगस्त को करीब 7.30 बजे अपनी टीम से साथ फॉरेस्ट ज़ोन ढाबे में भोजन कर रहे पत्रकार रोमेश आर्य के पास तपन लालवानी आया था और ब्लूटूथ के जरिए गाना गाने के लिए उनका मोबाइल उनके हाथों से ले लिया। तपन अपने दोस्तों के साथ पहले से वहाँ मौजूद था और ढाबे में शराब का सेवन कर रहा था। जब तपन, आर्य एवं उनके मित्रों के पास मोबाइल लेने आया था, उस समय ढाबा के मालिक रामभाऊ जामगड़े भी सामने मौजूद थे एवं वे भी पत्रकार के मोबाइल से गाने गा रहे थे। इसी दौरान तपन अपनी टेबल से उठकर आया और अच्छे सुर में गाने के बहाने आर्य के हाथ से मोबाइल ले लिया और गाना गाने लगा। तपन उस वक्त नशे में चूर था और इसलिए पत्रकार एवं उसके मित्रों ने उसका विरोध करने के बजाय उसे विनम्रता से लिया। उन्होंने ढाबे के मालिक से तकादा किया।

    इसके बाद बातों-बातों में तपन, आर्य का मोबाइल लेकर अपनी टेबल पर चला गया। करीब 20 मिनट बाद जब रोमेश ने तपन से अपना मोबाइल मांगा तो वो गोलमोल बातें करने लगा। उसने मोबाइल लेने की बात स्वीकारी लेकिन वो ये नहीं बता पाया कि मोबाइल कहां ले गया। इसी दौरान आर्य के दोस्त भी सक्रिय हो गए और मोबाइल पर रिंग देकर खोजने लगे। मोबाइल पर घंटी तो जा रही थी लेकिन उसे तुरंत ही चालाकी से साइलेंट कर दिया गया था। बहुत ढूँढने पर भी मोबाइल का कोई पता नहीं चला जबकि उस वक्त उस ढाबे में बाहर केवल तपन के दोस्त और पत्रकार एवं मित्र ही मौजूद थे। जब तपन और उसके मित्रों के वाहन की तलाशी ली जा रही थी उसी वक्त उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। मामला बढ़ते देख ढाबा मालिक जामगड़े ने नया मोबाइल दिलाने का आश्वासन देकर तपन और उसके दोस्तों को बिना तलाशी लिए जाने दिया। बहुत ढूँढने पर जब मोबाइल नहीं मिला तो ढाबा मालिक से तकादा करने पर अगले दिन उन्होंने मोबाइल दिलाने से इंकार कर दिया एवं आधे पैसे देने की बात करने लगे, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया। ढाबा मालिक आरोपी का पक्ष लेने लगे और संदेह जताने लगे कि मोबाइल चोरी में उनका खुद का स्टाफ भी लिप्त हो सकता है। अगले दिन सुबह भी जब मोबाइल नहीं मिला तो आर्य ने खापा पुलिस स्टेशन जाकर घटना की जानकारी दी। रामू जामगड़े ने पुलिस के समक्ष ये स्वीकार किया कि मोबाइल तपन ने लिया था लेकिन वे उसे बचाने का प्रयास करते रहे। इस बीच तपन लालवानी और उसके दोस्तों को भी पुलिस स्टेशन बुलाया गया। तपन ने भी मोबाइल लेने की बात स्वीकारी लेकिन वो इसे चुराने से इंकार कर रहा है जबकि मोबाइल चोरी होने के कुछ ही मिनट पहले आखिरी बार ब्लूटूथ से कनेक्ट किए गए इस मोबाइल से वो ही गाना गा रहा था।

    प्रारंभिक पूछताछ के बाद खापा पुलिस ने पी आई हर्षल एकरे के दिशा निर्देश पर तपन लालवानी के खिलाफ धारा 406 यानी विश्वासघात एवं ठगबाजी का मामला दर्ज किया है। नागपुर टुडे से बात करते हुए पी आई एकरे ने बताया कि मोबाइल ट्रेस होते ही सच्चाई के पता लग जाएगा।

    इस पूरे मामले में जामगड़े का तपन और उसके दोस्तों के पक्ष लेना संदेह पैदा कर रहा है क्योंकि वे मोबाइल चोरी की घटना से लेकर रिपोर्ट दर्ज कराने तक उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे थे। वे उल्टा अपने स्टाफ को ही संदिग्ध बता रहे थे। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि वे अपने ढाबे के स्टाफ पर संदेह जता रहे हैं तो फिर उनके ढाबे में ग्राहकों के समान चोरी होने पर ज़िम्मेदारी किसकी है?

    देर रात तक चलती हैं पार्टी

    फॉरेस्ट ज़ोन ढाबे के संचालक रामू जामगड़े ने ये स्वीकार किया है तपन एवं उसके मित्र रोजाना पार्टी करने आते हैं और एक बार में 5000 रुपए तक का बिल बनाते हैं। आखिर आए दिन पार्टी पर इतने पैसे खर्च करने के लिए कहां से आते हैं ये भी जांच का विषय है। इन दिनों फॉरेस्ट ज़ोन ढाबे में रोजाना शराबियों का जमघट लगा रहता है जबकि ढाबा मालिक के पास कोई परमिट नहीं है और वे अवैध रूप से अपने परिसर में शराब पार्टियों को बढ़ावा देते हैं। उनके ढाबे में आने वाले लोग ज़्यादातर नागपुर से होते हैं। ये पार्टियां बेरोक टोक देर रात तक चलती हैं। ऐसे में आने वाले समय में इस ढाबे में किसी गंभीर अपराध की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है।

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