Published On : Thu, Nov 14th, 2019

आधार में पता बदलना हुआ अब और भी आसान

बुधवार को केंद्र सरकार द्वारा जारी एक अधिसूचना में यह जानकारी दी गई है कि अब आधार पर दर्ज पता आसानी से बदला जा सकेगा.

दिल्ली/नागपुर : भारत में रहने वाले हर व्यक्ति के लिए आधार कार्ड सबसे जरूरी दस्तावेज है. अगर आपके आधार में पता अपने पैतृक स्थान का है और आप कामकाज, नौकरी या पढ़ाई की वजह से कहीं और रहते हैं तो अब आप आधार में आसानी से पता बदल सकते हैं.

वास्तव में बैंक अकाउंट खुलवाने जैसे काम के लिए बैंक आधार में मौजूदा पता मांगते थे, इस वजह से प्रवासी श्रमिकों और छात्रों को काफी दिक्कत होती थी. आधार में आप आसानी से आपनी जरूरी जानकारी अपडेट कर सकें या बदल सकें, इसके लिए केंद्र सरकार कई प्रयास कर रही थी.

कल बुधवार को केंद्र सरकार द्वारा जारी एक अधिसूचना में यह जानकारी दी गई है कि अब आधार पर दर्ज पता आसानी से बदला जा सकेगा. अब जो लोग अपने केवाईसी के लिए आधार नंबर दे रहे और किसी अन्य जगह का पता देना चाहते हैं, जो आधार कार्ड पर लिखे पते से अलग है तो एक सेल्फ डिक्लेरेशन देकर अपना दूसरा पता दे सकेंगे. इस फैसले से माइग्रेंट वर्कर के साथ ही उन छात्रों को भी बड़ी राहत मिलेगी जो पढ़ाई के लिए अपने शहर से बाहर जाते हैं. अब तक इन लोगों को बैंक खाता खोलने में दिक्कत होती थी, क्योंकि आधार पर पता उनके पैतृक घर का होता था और वे कामकाज या पढ़ाई किसी और शहर में करते थे. यह बदलाव मनी लांड्रिंग रोकथाम (रिकॉर्ड की देखरेख) नियम में संशोधन के जरिये किया गया है.

इस फैसले से माइग्रेंट वर्कर के साथ ही उन छात्रों को भी बड़ी राहत मिलेगी जो पढ़ाई के लिए अपने शहर से बाहर जाते हैं. अब तक इन लोगों को बैंक खाता खोलने में दिक्कत होती थी, क्योंकि आधार पर पता उनके पैतृक घर का होता था और वे कामकाज या पढ़ाई किसी और शहर में करते थे.

यह बदलाव मनी लांड्रिंग रोकथाम (रिकॉर्ड की देखरेख) नियम में संशोधन के जरिये किया गया है. इस बदलाव के तहत अगर कोई व्यक्ति पहचान के लिए आधार नंबर के साथ केंद्रीय पहचान आंकड़ा कोष से अलग पता मुहैया कराना चाहता है तो उसे इसकी अनुमति दी गई है. वह इस संबंध में संबंधित संस्थान को स्वयं घोषणा पत्र दे सकता है और यह पूरी तरह मान्य होगा. आधार में पता बदलने से संबंधित नियम में बदलाव करने की लंबे समय से मांग की जा रही थी.

किसे होगा फायदा ?
आधार में एड्रेस के बारे में लिए गए इस फैसले से प्रवासी मजदूरों के साथ उन छात्रों को भी लाभ मिलेगा, जो अपने घर से दूर रहते हैं. इन लोगों के पास मौजूद आधार कार्ड पर उनके मूल निवास का पता रहता है, लेकिन अपने उस वर्तमान पता पर बैंक खाता खोलना चाहते हैं, जहां वे रहते हैं. कई ऐसे मामले सामने आये हैं जिनमें लोग केवाईसी के लिए आधार में दर्ज पते से इतर वह पता देना चाहते हैं जो उनके लिए ज्यादा जरूरी होता है.