Published On : Wed, Jun 20th, 2018

चाह कर भी नहीं कर पा रही मनपा हादसे के मुहाने पर खड़े चमारनाले की मरम्मत, जानें क्यों !

नागपुर: उत्तर नागपुर का जाना पहचाना चमारनाला काफी पुराना होने से उसकी सुरक्षा दीवारें काफी जीर्ण हो चुकी हैं. क्यूंकि दोनों ओर घनी बस्तियां हैं, इसलिए अविलंब बड़े पैमाने पर मरम्मत की जरूरत है. लेकिन इस ओर प्रशासन और सत्तापक्ष गंभीर नहीं होने से बरसात में बड़े खतरे का डर बना रहता है.

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वर्तमान स्थाई समिति सभापति ने गत दिनों वर्ष २०१८-१९ का बजट पेश किया, जिसमें उत्तर नागपुर पर विशेष ध्यान रखने का प्रमुखता से उल्लेख किया. इसके तहत चमारनाले की सुरक्षा दीवार को पुनः तैयार करने के लिए बसपा नेता मो. जमाल ने १० करोड़ रूपए की निधि का विशेष प्रावधान करने की गुजारिश की है.

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नाले के सन्दर्भ में बसपा नेता जमाल ने जानकारी दी कि इंदोरा चौक से कमाल चौक के मध्य चमार नाले का एक हिस्सा शेरे पंजाब रेस्टॉरेंट से शुरू होता है और चार खंभा चौक से गुजरते हुए यह पीली नदी में मिल जाता है. पिछले कुछ वर्षों में शेरे पंजाब रेस्टॉरेंट से लेकर चार खंभा चौक तक नाला की सुरक्षा दीवार १० जगह धस गई है. इन जगहों पर सुअरों ने सुरंग तैयार कर अपना आशियाना बना लिया है. इन आशियानों में पानी जाने और इसके ऊपर की सतह से गुजरने वालों के लिए खतरा पैदा हो गया है.

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मो. जमाल के अनुसार उन्होंने पिछले वर्ष इन ज्वलंत समस्याओं से मनपा प्रशासन और मनपा आयुक्त को अवगत करवाया था. तत्कालीन आयुक्त के निर्देश पर अधीक्षक अभियंता दीपक सोनटक्के, आशी नगर जोन के कार्यकारी अभियंता राजेश भूतकर, वार्ड अधिकारी विजय हुमने ने संयुक्त दौरा किया था. दौरे के उपरांत भूतकर ने आशीनगर जोन के उप अभियंता कडु को मार्गदर्शन कर प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया. कडु के निर्देश पर जोन के कनिष्ठ अभियंता ने १.७५ करोड़ रुपए का प्रस्ताव तैयार किया था.

इस प्रस्ताव को मनपा स्थाई समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, तो समिति ने निधि आभाव (सम्बंधित मद) में मंजूरी देने का मामला टाल दिया. स्थाई समिति के नकारने पर यह प्रस्ताव की फाइल तत्कालीन आयुक्त के समक्ष पेश कर निधि उपलब्धी करवाने की मांग की.तत्कालीन आयुक्त ने भूतकर से इस सम्बन्ध में चर्चा कर निर्देश दिया कि ‘इमरजेंसी फंड’ से इतनी निधि नहीं दी जा सकती लिहाजा प्रस्ताव में ज्यादा जरूरी कामों को अलग कर १ करोड़ रुपए तक का नया प्रस्ताव तैयार किया जाए. तत्कालीन आयुक्त के दिशा-निर्देश पर १ करोड़ का प्रस्ताव तैयार हुआ, जिसे तत्कालीन आयुक्त ने मंजूरी दी थी. टेंडर प्रक्रिया जब जब तक पुनः तत्कालीन आयुक्त तक पहुँचती तब तक उनका तबादला हो चुका था.

मो. जमाल के अनुसार २० दिन पूर्व नए आयुक्त के समक्ष उक्त फाइल पेश की गई तो उन्होंने कार्यकारी अभियंता भूतकर से चर्चा कर उन्हें निर्देश दिया कि आज की मनपा की आर्थिक परिस्थिति के मद्देनज़र ‘इमरजेंसी निधि मद’ से भी १ करोड़ देना मुमकिन नहीं. इसलिए एक बार पुनः चमारनाले का दौरा कर अतिआवश्यक कामों से सम्बंधित २५ लाख तक के प्रस्ताव तैयार किए जाएं. समाचार लिखे जाने तक आयुक्त के निर्देशानुसार दौरा नहीं हुआ है.

आज की वस्तुस्थिति :- मो. जमाल द्वारा प्रत्यक्ष मुआयना करने पर दिखा कि नाले के हाल इतने ख़राब हो चुके हैं कि २ से ३ घंटा मूसलाधार बारिश हुई तो कोई अप्रिय घटना घट सकती हैं.

मांग:- वर्तमान आयुक्त से मांग की गई कि कनिष्ठ से लेकर अधीक्षक अभियंता का दौरा हो चुका है. मसला आज पहले से भी नाजुक हो चला है. इसलिए मनपा आयुक्त स्वयं मौका निरिक्षण कर उचित व जनहित में निर्णय लें. या फिर बारिश के ३ माह तक तत्काल उपाययोजना कर आसपास के रहवासी और चमारनाले के दोनों ओर से आवाजाही करने वालों को सुरक्षा मुहैय्या कराएं.

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