Published On : Thu, Jun 17th, 2021

सीसी रोड फेज-2 : बोगस रिपोर्ट तैयार कर आयुक्त को सौंपी जाँच समिति ने

– आयुक्त रिपोर्ट और ‘नागपुर टुडे’ सह RTI कार्यकर्ता द्वारा सुपुर्द की गई शिकायतपत्र सह सबूतों की स्वतंत्र जाँच एजेंसी से पुनर्निरीक्षण करवाए-एमओडीआई फाउंडेशन की मांग,RTI कार्यकर्ता राज्य सुचना आयुक्त सह मुख्यमंत्री से जल्द निवेदन कर दोषी अधिकारी सह ठेकेदार कंपनी पर कानूनन कार्रवाई की मांग करेगा

नागपुर -‘NAGPUR TODAY’ ने सितंबर 2020 को मनपा अंतर्गत CEMENT ROAD PHASE-2 के टेंडर में धांधली सह भुगतान घोटाला सार्वजानिक करते हुए तत्कालीन महापौर और मनपायुक्त से स्वतंत्र जाँच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की थी.इसके डेढ़ माह बाद आयुक्त ने भारी दबाव में एक जाँच समिति विवादास्पद अधिकारियों की गठित की.

इस जाँच समिति ने दिए गए शिकायतपत्र सह सबूतों को खुद जांचने सह निरिक्षण करने के बजाय समिति के बाहरी सदस्य लकड़गंज जोन के SDE AJAY PAZARE से रिपोर्ट/ड्राफ्ट तैयार करवाई। इनके द्वारा तैयार बोगस रिपोर्ट पर समिति ने मुहर लगाकर आयुक्त को आगे की कार्रवाई के लिए एक-डेढ़ माह पूर्व रिपोर्ट उन्हें भेज दिया,जो आयुक्त कार्यालय की तब से शोभा बढ़ा रहा.उक्त कारनामें की भनक लगते ही एमओडीआई फाउंडेशन,RTI कार्यकर्ता,NAGPUR TODAY सह पूर्व महापौर संदीप जोशी ने रिपोर्ट अनुसार कार्रवाई करने के पूर्व प्रस्तुत रिपोर्ट की स्वतंत्र एजेंसी/अधिकारी से पुनर्निरीक्षण करवाए कि आरोप क्या लगाया गया और रिपोर्ट क्या सौंपा गया.जल्द ही RTI कार्यकर्ता उक्त धांधली को लेकर राज्य सूचना आयुक्त सह मुख्यमंत्री कार्यालय का इस ओर ध्यानाकर्षित करवाकर सम्बंधित अधिकारियों पर कड़क कार्रवाई की मांग करेगा।

SDE PAZARE ने बोगस रिपोर्ट तैयार की,रिपोर्ट में उन्होंने अंकित किया कि मनपा/विभाग ने समय-समय पर चरणबद्ध भुगतान D C GURBAXANI (JV) खाते में की गई.जो कि सरासर गुमराह की गई.

दरअसल निविदा शर्तों के हिसाब से सीमेंट सड़क फेज-2 के तहत सड़क निर्माण के लिए अनुभवहीन ठेकेदारों के लिए JV करने की छूट दी थी.D C GURBAXANI के पास इस टेंडर को हासिल करने के लिए अनुभव नहीं था,इसलिए उसने मुंबई की M/S ASHWINI INFRA DEVELOPMENTS PVT. LTD. को LEAD PARTNER बनाया,अर्थात 60% की हिस्सेदारी अश्विनी इंफ़्रा की और 40% की हिस्सेदारी DC GURBAXANI की.अर्थात यह टेंडर M/S ASHWINI INFRA DEVELOPMENTS PVT. LTD. को मिला। इस टेंडर का वर्कऑर्डर प्राप्त करने के पूर्व उक्त ठेकेदार कंपनी को मुंबई स्थित सम्बंधित विभाग में JV का पंजीयन करवाना था,JV का पैनकार्ड बनवाना था और फिर JV का स्वतंत्र खाता भी खुलवाना था.इन शर्तो को पूरा किये बिना सादा सा एक पत्र देकर कि सप्ताह भर में शेष प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाएगी और उक्त ठेके का WORKORDER हासिल कर लिया।

उक्त कारनामा मनपा के तत्कालीन विवादास्पद स्थाई समिति सभापति के कार्यकाल में उनकी सहमति से हुआ,जिसके लिए उक्त ठेकेदार कंपनी ने बड़ा कमीशन भी दिया था,बाद में तत्कालीन स्थाई समिति सभापति की मांग पर 10 लाख रूपए चुनाव लड़ने के लिए भी दिया था.

इधर मनपा में DC GURBAXANI की तूती बोलती थी,कोई आला अधिकारी या फिर पदाधिकारी उनके मामले में टांग नहीं अड़ाता था.इसका फायदा उठाकर DC GURBAXANI ने मनपा में अपने पुराने खाते में ही सीमेंट सड़क फेज-2 का किश्तों में मिलने वाली भुगतान डलवाते रहे.इस कारनामों में मनपा का लोककर्म विभाग और वित्त विभाग के प्रमुखों ने जमकर साथ दिया,जो कि गैरकानूनी था.

इस हकीकत को SDE PAZARE ने छिपाते हुए फर्जी रिपोर्ट पेश कर NAGPUR TODAY/RTI कार्यकर्ता/एमओडीआई फाउंडेशन/पूर्व महापौर के आरोपों को निराधार दर्शाया और उनकी मांग की ख़ारिज करने की सिफारिश की.जिसे तत्कालीन EE DS BISEN ने भी सही ठहराया।इन्होने तो एक कदम आगे बढ़कर अपने सेवानिवृत्ति बाद BACKDATE में DC GURBAXANI का अंतिम भुगतान के लिए फाइल तैयार करवाने में अहम् भूमिका निभाते हुए हस्ताक्षर भी किये,इसकी पुष्टि DC GURBAXANI कर्मी ने किया।

उक्त रिपोर्ट पर आँख-मूंद कर मुख्यालय EE,SE,CE ने करते हुए लीपापोती का क्रम जारी था.

इसी बीच तत्कालीन महापौर संदीप जोशी और एमओडीआई फाउंडेशन के भारी दबाव में आयुक्त राधकृष्णन बी ने उक्त मामले को लेकर 5 सदस्यी जाँच समिति गठित की,जिसमें विशेष रूप से पैनल अधिवक्ता की क़ानूनी सलाह मांगी गई थी.

यह समिति 5 फरवरी 2021 तक 4 बैठकें की,जिसका फाइल नोटिंग RTI अपील के तहत नहीं दी गई.तैयार रिपोर्ट में समिति सदस्यों के हस्ताक्षर हुए,लेकिन उनसे भी भारी दबाव में हस्ताक्षर करवाया गया.इस कृत को सफल अंजाम देने में पूर्व स्थाई समिति सभापति और CE ने अहम् भूमिका निभाई।

पूर्व महापौर को नज़रअंदाज किया आयुक्त,CE,CAFO ने
उक्त मामले को लेकर गंभीर पूर्व महापौर संदीप जोशी ने अबतक 3 पत्र आयुक्त,CE,CAFO को दिए.लेकिन उक्त तीनों अधिकारियों ने उनके पत्र कचरे की टोकड़ी में डाल उन्हें सिरे से नज़रअंदाज कर रहे हैं.इन्होने तो आयुक्त,CE,CAFO से साफ़-साफ़ मांग की कि जब तक निष्पक्ष जाँच सह कार्रवाई नहीं होती तबतक DC GURBAXANI को कोई भी भुगतान जारी नहीं किया जाये।

RTI कार्यकर्ता को रोकने के लिए CE ने ताकत झोंकी
RTI कार्यकर्ता ने ही मनपा PWD और CAFO कार्यालय की पोल खोली थी,इस सम्बन्ध में CE को भी 3 पत्र दिए,वे जाँच सह कार्रवाई करने के बजाय DC GURBAXANI के पक्ष में आज तक सक्रिय हैं.RTI की अपील में न पहुंचे इसलिए ऑफर भी पहुंचाए गए,मामले को और तरजीह न दे,इसलिए रोकने की असफल कोशिश की.इसके पीछे का बड़ा कारण यह हैं कि रिपोर्ट गुमराहपूर्ण हैं,RTI कार्यकर्ता निष्क्रिय हो जाता तो फर्जी रिपोर्ट के तहत DC GURBAXANI को बचाया जा सकता।

गर आयुक्त ने निष्पक्ष कार्रवाई की तो तथाकथित JV पार्टनर के साथ मनपा के सम्बंधित अधिकारियों पर भी बड़ी कार्रवाई हो सकती हैं.यह मनपा में जारी भ्रष्टाचार रोकने के लिए बड़ा उदहारण साबित हो सकता हैं.

CE,SE,EE,CAFO के गैरकानूनी कृतों के कारण अनुभवहीन DC GURBAXANI अनुभवी सीमेंट सड़क निर्माता ठेकेदार बन मनपा में ही PHASE-3 के ठेके स्वतंत्र रूप से लिये।

उल्लेखनीय यह हैं कि उक्त बोगस रिपोर्ट को आयुक्त ने स्वतंत्र एजेंसी/अधिकारी से पुनर्निरीक्षण नहीं करवाकर ठोस कार्रवाई नहीं की तो .जल्द ही RTI कार्यकर्ता उक्त धांधली को लेकर राज्य सूचना आयुक्त सह मुख्यमंत्री कार्यालय का इस ओर ध्यानाकर्षित करवाकर सम्बंधित अधिकारियों पर कड़क कार्रवाई की मांग करेगा।