Published On : Mon, Oct 11th, 2021
By Nagpur Today Nagpur News

सीबीआई ने अनिल देशमुख के नागपुर स्थित घर पर की छापेमारी, उनके बेटे के खिलाफ जारी किया अरेस्ट वारंट

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100 करोड़ की वसूली मामला में सीबीआई ने महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के नागपुर स्थित कुछ ठिकानों पर रेड की है। सीबीआई इससे पहले भी अप्रैल में अनिल देशमुख के घर पर छापेमारी कर चुकी है। यह भी जानकारी सामने आ रही है कि अनिल देशमुख के बेटे ऋषिकेश देशमुख के खिलाफ अरेस्ट वारेंट भी जारी हुआ है। सीबीआई की 5 सदस्यों की टीम अनिल देशमुख के घर और कुछ दफ्तरों पर कार्रवाई कर रही है।

अनिल देशमुख कई दिनों से गायब चल रहे हैं। सार्वजनिक रूप से उन्हें दो सप्ताह पहले देखा गया था। केंद्रीय जांच एजेंसी इसी मामले में देशमुख के दो निजी सचिव, कुंदन शिंदे और संजीव पलांडे से 10 घंटे की पूछताछ कर चुकी है। इन दोनों को इसी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED द्वारा अरेस्ट किया गया है। दोनों फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। इसके अलावा मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह, एंटीलिया केस में गिरफ्तार सचिन वझे से पूछताछ हुई है। ED देशमुख को 5 बार पूछताछ के लिए समन भी कर चुकी है। इसके बावजूद वे पेश नहीं हुए हैं।

ऐसे सीबीआई के हाथ आया 100 करोड़ की वसूली का केस

अप्रैल में बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई की वकील जयश्री पाटिल की याचिका पर CBI को आरोपों की जांच करके 15 दिन में रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया था। हालांकि, शुरू के 15 दिनों में CBI ने कोविड का हवाला देते हुए रिपोर्ट नहीं पेश की, लेकिन बाद में देशमुख के खिलाफ केस दर्ज किया और उनके 10 ठिकानों पर छापेमारी भी की थी।

देशमुख पर परमबीर ने यह आरोप लगाया था

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मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने 25 मार्च को बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर अर्जी में देशमुख के खिलाफ CBI जांच की मांग की थी। परमबीर सिंह ने दावा किया था कि देशमुख ने सस्पेंड पुलिस अधिकारी सचिन वझे समेत दूसरे अधिकारियों को बार और रेस्टोरेंट से 100 करोड़ रुपए की वसूली करने को कहा था। इस अर्जी पर हाईकोर्ट ने कहा था कि यह असाधारण मामला है, जिसमें स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की जरूरत है।

सचिन वझे ने भी देशमुख पर लगाया था वसूली का आरोप

सिर्फ परमबीर सिंह ही नहीं सचिन वझे ने भी महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख पर अवैध वसूली का टारगेट देने का आरोप लगाया था। सचिन वझे ने NIA को दिए बयान में कहा, ‘मैंने 6 जून 2020 को दोबारा ड्यूटी ज्वाॅइन की थी। मेरी ड्यूटी की ज्वॉइनिंग से शरद पवार खुश नहीं थे। उन्होंने मुझे दोबारा सस्पेंड करने के लिए कहा। यह बात मुझे खुद अनिल देशमुख ने बताई थी। उन्होंने मुझसे पवार साहब को मनाने के लिए 2 करोड़ रुपए भी मांगे थे। इतनी बड़ी रकम देना मेरे लिए मुमकिन नहीं था। इसके बाद गृह मंत्री ने मुझे इसे बाद में चुकाने को कहा। इसके बाद मेरी पोस्टिंग मुंबई के क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) में हुई।’

अनिल देशमुख ने 1,600 से ज्यादा पब और बार से वसूली करने को कहा: वझे

वझे ने आगे बताया था, “जनवरी 2021 में गृह मंत्री अनिल देशमुख ने मुझे अपने सरकारी बंगले पर बुलाया। तब उनके PA कुंदन भी वहां मौजूद थे। इसी समय मुझसे मुंबई में 1,650 पब, बार मौजूद होने और उनसे हर महीने 3 लाख रुपए के कलेक्शन की बात कही गई। इस पर मैंने गृह मंत्री अनिल देशमुख से कहा कि शहर में 1,650 बार नहीं, सिर्फ 200 बार हैं।”

आगे सचिन वझे ने बताया, “मैंने गृह मंत्री को इस तरह बार से पैसा इकट्ठा करने से भी मना कर दिया था, क्योंकि मैंने उन्हें बताया था कि यह मेरी क्षमता से बाहर की बात है। तब गृह मंत्री के PA कुंदन ने मुझे कहा था कि अगर मैं अपनी जॉब और पोस्ट को बचाना चाहता हूं, तो वही करूं, जो गृह मंत्री कह रहे हैं।”

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