Published On : Wed, Apr 5th, 2017

डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए कैट ने आयोजित किया गोलमेज़ सम्मेलन

Nagpur: देश में नगद रहित पेमेंट भुगतान के लिए कई तरह के प्रयास शुरू है। विमुद्रीकरण के फ़ैसले के बाद इस प्रयास में तेजी भी आयी है। बुधवार को राजधानी नई दिल्ली में कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स ने डिजिटल पेमेंट भुगतान को बढ़ावा देने के लिए गोलमेज़ सम्मेलन आयोजित किया जिसमे देश के वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी शिरकत की। इस सम्मेलन में अपने संबोधन में वित्त मंत्री ने डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए कहाँ की डिजिटल पेमेंट द्वारा किये जाने वाले लेनदेन पर बैंक अथवा अन्य संस्थानों द्वारा किसी भी प्रकारका ट्रांसक्शन शुल्क नहीं लिया जाए और सरकार बैंको को ट्रांसक्शन शुल्क की भरपाई सीधे तौर पर करे.

इसमें कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बी.सी.भरतिया ने वित्त मंत्री के सामने कहाँ की कहा की डिजिटल भुगतान को अपनाने में ट्रांसक्शन शुल्क एक बहुत बड़ी बाधा है और इसको बढ़ावा दिए जाने के तौरपर उपभोक्ता अथवा व्यापारियों से कोई भी ट्रांसक्शन शुल्क न लिया जाए ! एक कदम आगे बढ़ाते हुए कैट ने यह भी शुझाव दिया है की नकद के चलन को कम करनेके लिए सरकार एटीएम से धन निकालने पर एक न्यूनतम सरचार्ज लगाये जिससे एटीएम से अनावश्यक रूप से नकद निकलने पर रोक लगे ! उधर दूसरी ओरडिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए सरकार एक समग्र इंसेंटिव स्कीम घोषित करे जिसके अन्तर्गत डिजिटल भुगतान के प्रत्येक तरीके जिसमें सभी प्रकार केडेबिट एवं क्रेडिट कार्ड सहित पोस मशीन, मोबाइल पोस, मोबाइल वॉलेट, मोबाइल एप्लीकेशन, क्यू आर कोड, यूपीआई, आधार आधारित पेमेंट एप्लीकेशन आदिको इंसेंटिव स्कीम में शामिल किया जाए .

कैट के अनुसार केंद्र सरकार ने अगस्त 2015 में देश में इलेक्ट्रॉनिक भुगतान को बढ़ावा देने के लिए एक कैबिनेट नोट तैयार किया था जिसमें व्यवसायिओं ओरउपभोक्ताओं को कर में रियायतें ओर अन्य लाभकारी प्रस्ताव थे! कैट ने आग्रह किया है की सरकार उक्त कैबिनेट नोट को स्वीकार कर नकदरहित अर्थव्यवस्था केलिए एक माहौल तैयार करे .


कैट के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने यू इस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट की भारत में भुगतान की स्थिति पर जारी एक रिपोर्ट का हवाला देते हुएकहा की 97 % रिटेल ट्रांज़ैक्शन नकद में होती है वहीँ 11 % उपभोक्ता डेबिट कार्ड का उपयोग खरीदारी के लिए करते हैं एवं केवल 6 % व्यावसायी ही इलेक्ट्रॉनिकभुगतान स्वीकार करते हैं ! रिपोर्ट में यह भी कहा गया है की 82 % उपभोक्ता मोबाइल के द्वारा भुगतान किये जाने के प्रति अनभिज्ञ है वहीँ 79 % उपभोक्ताऑनलाइन बैंकिंग के बारे में जानते ही नहीं हैं ! लगभग 89 % व्यवसायी डेबिट कार्ड का उपयोग करने की इच्छा रखते हैं ! क्योंकि इलेक्ट्रॉनिक भुगतान के विषय मेंलोगो को जानकारी ही नहीं है इसी वजह से देश में इलेक्ट्रॉनिक भुगतान बेहद कम होता है !

डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए आयोजित सम्मेलन के देश भर के कैट से जुड़े प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन के दौरान कैट ने डिजिटल पेमेंट को देश की आर्थिक तरक्की के लिए महत्वपूर्ण बताया वही वित्त मंत्री ने सम्मेलन के दौरान सुझाये कदमो पर ठोस फ़ैसला लेने का विश्वास दिलाया।