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    Published On : Mon, Dec 9th, 2019

    एमएसएमई मंत्रालय द्वारा अमेज़न एवं फ्लिपकार्ट से हाथ मिलाने के मुद्दे पर कैट ने जताया कड़ा विरोध

    नागपुर– मीडिया में प्रकाशित समाचार जिसमें एमएसएमइ मंत्रालय द्वारा देश के एमएसएमई सेक्टर को ऑनलाइन व्यापार से जोड़ने के लिए अमेज़न और फ्लिपकार्ट के साथ मंत्रालय के हाथ मिलाने की ख़बरों के बीच कन्फेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट ) ने एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी को आज पत्र भेजकर मंत्रालय के इस कदम पर कड़ा विरोध जताया है और कहा है की अमेज़न और फ्लिपकार्ट पहले ही घरेलू व्यापार को मार रहे हैं और सरकार देश के व्यापारियों के व्यापार को तहस नहस करने के लिए उनके साथ हाथ क्यों मिला रही है।

    कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने अत्यंत आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि एमएसएमई मंत्रालय इस कदम की शुरुआत ऐसे समय में कर रहा है जब केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा एफडीआई पालिसी के उल्लंघन और उनके द्वारा लागत से भी काम मूल्य पर माल बेचे जाने और भारी डिस्काउंट देने के खिलाफ बेहद मुखरता ई कॉमर्स पर सरकार की मूल भावना के बारे में अनेक बार कह चुके हैं !

    यह बेहद आश्चर्यजनक है की अमेज़ॅन और फ्लिपकार्ट जो सरकार की एफडीआई नीति के उल्लंघन करने में साबित हुए हैं और उसके बावजूद भी एमएसएमई मंत्रालय नीति उल्लंघनकर्ताओं के साथ हाथ मिलाने के लिए इच्छुक है। यह भी बहुत खेदजनक है कि अमेज़ॅन और फ्लिपकार्ट दोनों ही देश में 7 करोड़ व्यापारियों के व्यवसाय को नष्ट कर रहे हैं, और अब इस कदम से सरकार भी व्यापारियों और उनके व्यवसायों को मारने के लिए उनके साथ जुड़ जाएगी। एमएसएमई मंत्रालय इस तरह के कदम से देश का पूरा व्यापारिक समुदाय गहरे सदमे में है।

    भरतिया और खंडेलवाल दोनों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बार-बार भारत में एसएमई के सशक्तीकरण की वकालत कर रहे हैं और सरकार द्वारा उसी दिशा में विभिन्न दूरदर्शी कार्यक्रमों की पहल की गई है। उन्होंने एमएसएमई मंत्रालय की मंशा की सराहना करते हुए कहा की एमएसएमई सेक्टर के व्यापार को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लाकर प्रोत्साहित करने के लिए एक स्वतंत्र ई-कॉमर्स पोर्टल बनाने के बजाय, अमेज़ॅन और फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियों के साथ हाथ मिलाना जो आदतन अपराधियों के रूप में दुनिया भर में स्थापित हैं, बेहद अपमानजनक है और सरकार की मंशा पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है !

    देश के एमएसएमई सेक्टर को डिजिटल बनाने के मंत्रालय के इरादे के मद्देनजरकैट ने गडकरी को भेजे पत्र में एमएसएमई सेक्टर एवं देश के 7 करोड़ व्यापारियों को भी डिजिटल करने के लिए एक स्वतंत्र पोर्टल बनाने के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया है जिसमें किसी भी बिक्री पर कोई कमीशन नहीं होगा जबकि अमेज़ॅन और फ्लिपकार्ट एफडीआई नीति का उल्लंघन करने के साथ अपने पोर्टल्स पर विभिन्न उत्पादों की बिक्री पर 8% से 30% तक कमीशन ले रहे हैं। कैट ने इस मुद्दे पर नितिन गडकरी से मुलाकात का एक समय भी माँगा है !

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