Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!
    | | Contact: 8407908145 |
    Published On : Fri, Aug 14th, 2020

    अवैध रेती उत्खनन के मामला : गृहमंत्री व पालकमंत्री के आदेशों की उड़ रही धज्जियां

    – कन्हान नदी करजघाट में अवैध रेती उत्खनन चरम सीमा पर

    नागपुर / खापा – कुछ ही दिनों पहले राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख और नागपुर के पालकमंत्री नितिन राऊत ने जिलाधिकारी व पुलिस अधिकारीयों के साथ खापा के कन्हान नदी के सभी रेती घाटों का मुआयना किया था,साथ ही सावनेर तहसील के राजस्व विभाग को अवैध रेती उत्खनन करने वालो पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही करने के आदेश दिए थे। परंतु खापा के कन्हान नदी करजघाट में अवैध रेती उत्खनन अपने ही चरम सिमा पर है,यह रेती उत्खनन का सिलसिला कई दिनों से जारी ही है.

    इसकी कई शिकायत मिलने पर भी राजस्व विभाग इन रेती माफियाओं पर लगाम नही लगा पा रही है, कुछ दिन पहले करजघाट नदी में रात को रेती का अवैध उत्खनन करते हुए करजघाट पर राजस्व विभाग की तरफ से कार्यवाही भी की गई थी.इस कार्यवाही में रेती का अवैध उत्खनन करते हुए 3 ट्रक भी मिले थे .सभी वाहनों को जप्त कर खापा पुलिस स्टेशन के सुपुर्द भी किया गया था .परंतु जब इस घटना की जानकारी खापा पुलिस स्टेशन से ली गई तब पता चला कि इन रेती तस्करो के खिलाफ पुलिस की ओर से किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नही हुई है , जिससे यह मालूम होता है कि इन रेत माफ़िया पर किसी रसुखदार सफेदपोश का हाथ होने के कारण जिला प्रशासन और पुलिस महकमा नतमस्तक हो गई हैं.

    प्राप्त जानकारी के अनुसार राजस्व विभाग के कार्यवाही के बाद भी दूसरे ही दिन करजघाट नदी में 4 जेसीबी को रेती का अवैध उत्खनन करने के लिए नदी में उतारा गया है.यहाँ से रोजाना सुबह से रात भर 80 के लगभग ट्रक रेती भर कर खड़गाव के रास्ते सावनेर होते हुए निकलते है. इस रेती के अवैध उत्खनन में राजस्व विभाग को रोज लाखों का नुकसान हो रहा है.

    देखना यह है कि सरकारी राजस्व व् पर्यावरण का नुकसान को लेकर सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश और उक्त दोनों मंत्रियों के निर्देशों का कब तक जिला व पुलिस प्रशासन उल्लंघन करती हैं.समय रहते प्रशासन व पुलिस सह आरटीओ ने कड़क कदम नहीं उठाया तो खापा शहर के जागरूक नागरिक न्यायालय की शरण में जायेंगे,जिससे होने वाली नुकसान के जिम्मेदार पुलिस और जिला प्रशासन की होंगी।

    Stay Updated : Download Our App
    Mo. 8407908145