Published On : Tue, Oct 17th, 2017

इस बार दिवाली पर 40% कम बिक्री

नागपुर :असंगठित खुदरा व्यापारियों के अखिल भारतीय संगठन कैट का अनुमान है कि इस बार दिवाली पर 40 प्रतिशत कम बिक्री होगी और व्यापारियों के लिए यह फीकी रहेगी। कैट ने एक बयान में कहा कि दिवाली में मात्र 3 दिन बचे हैं और इस समय पर हर वर्ष खरीदारी अपनी उच्च सीमा पर होती है लेकिन इस बार देशभर के बाजारों में सन्नाटा छाया हुआ है और दिवाली का त्योहारी माहौल बना ही नहीं है।

बयान में कहा कि बाजारों में ग्राहकों की आना बेहद कम है जिसके चलते गत वर्ष के मुकाबले लगभग बिक्री में 40 प्रतिशत की गिरावट आने की संभावना है। कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया और राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने बताया की क्योंकि उपभोक्ताओं की जेब में नकद की तंगी है इस कारण से बाजारों में मंदी का माहौल है। उपभोक्ता अधिकांश बेहद जरूरी सामान ही खरीद रहे हैं और दिवाली त्योहार की खरीद से बच रहे हैं।

उन्होंने कहा, लोगों ने बड़ी मात्रा में रियल एस्टेट और सोने में निवेश कर रखा है और इन दोनों क्षेत्रों में मंदी के कारण से उनका पैसा फंस गया है। दूसरी तरफ व्यापारियों ने अपना पैसा शेयर में निवेश कर दिया जिसके कारण उनका पैसा वहां फंस गया है। उन्होंने कहा कि ई-वाणिज्य कंपनियों के सरकारी नीतियों की धज्जियां उड़ाते हुए बड़ी मात्रा में छूट देकर सामान बेचने का भी बाजारों के व्यापार पर विपरीत प्रभाव पड़ा है।

जीएसटी से उपजे भ्रम ने बाजारों में अफरा-तफरी फैला रखी है और व्यापारी परेशान है। त्योहार से जुड़े अधिकांश सामान पर टैक्स की दर 28% होने के कारण उपभोक्ता इतना ज्यादा कर देना नहीं चाहता। बाजारों के माहौल को देखते हुए लगता ही नहीं की देश का इतना बड़ा त्योहार नजदीक है और यदि यही हाल रहा तो इस बार व्यापारियों को बड़ा नुकसान झेलना पडे़गा।

टिकाऊ उपभोक्ता सामान, रोजमर्रा के उपभोक्ता उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स, रसोई का सामान, घड़ियां, गिफ्ट आइटम्स, मिठाइयां, मेवा, साज-सज्जा, परिधान और फर्नीचर इत्यादि कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जो मंदी की सीधी मार झेल रहे है। उल्लेखनीय है कि भारत में त्योहारी खरीद का मौसम पहले नवरात्र से शुरू होकर 14 दिसम्बर तक चलता है और फिर दोबारा 14 जनवरी से शुरू होकर अप्रैल तक चलता है और इसी बीच दिसंबर में क्रिसमस और नव वर्ष भी आता है।