Published On : Wed, Oct 21st, 2020

भगवान का डर दिखाकर भूमाफिया करना चाहता है पीडित परिवार के प्लॉट पर कब्जा

नागपूर – गृह मंत्री अनिल देशमुख की ओर से राज्य भर मे भूमाफियाओ पर लगाम लगाने के आदेश होने के बावजुद भूमाफियाओ के हौसले और बुलंद होते जा रहे है , शहर पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने भी जमीन से जुडे मामलो मे पीडित परिवार को उचित न्याय देने कि सक्त ताकीद शहर के सभी ठाणेदारो को दी गई है. इसके बावजुद पीडित नागरिक सालों साल न्याय के लिये गुहार लिये पुलिस स्टेशनों और कोर्ट के चक्कर लगाते फिरते है. ऐसा ही एक मामला हुडकेश्वर पुलिस स्टेशन की हद में आनेवाले स्वराज नगर मे भी पीडित परिवार न्याय के लिये गुहार लगा रहा है . इस मामले मे जुडी पीडित महिला ने साल 2014 मे स्वराज नगर मे भारती हाऊसिंग एजन्सी मे 776 वर्ग फूट का प्लॉट लिया था, जिसकी रजिस्ट्री भी लगायीं गयी थी , लेकिन उसी प्लॉट पर 1 वर्ष बाद ग्रामपंचायत कि और से पाणी कि टंकी बनाई गई.

जिसके ऐवज मे ले आऊट के मालिक पुरुषोत्तम खराबे ने प्लॉट धारक को उसी ले आऊट मे कब्जा पत्र बनाकर 960 वर्ग फूट का दुसरा प्लॉट दिया ,और कुछ दिनो मे रजिस्ट्री करके देने का वादा किया , जिसमे से आधी जगह पर पीडित परिवार मकान बनाकर रहने लगा. पुरुषोत्तम खराबे ने 4 साल ऑफिस के चक्कर लगवाने के बाद भी प्लॉट धारक को रजिस्ट्री बनाकर नही दी और उसकी अचानक से मौत हो गयी. उनकी मौत के बाद पीडित प्लॉट धारक के मकान की आधी जमीन पर ले आऊट धारक कि पत्नी सुनंदा खराबे, उसकी बेटी चिऊ खराबे , मुनीम बोरकर और कैलास आकरे ने परिसर के कुछ लोगो के साथ मिलकर पैसो कि लालच मे अवैध मंदिर बनाने कि साजिश रची और पीडित प्लॉट धारक को भगवान का डर दिखाकर उसके प्लॉट पर जबरन अतिक्रमण करने का प्रयास किया ,

इस बारे में ले- आउट के दुसरे पार्टनर दिलीप मुंगले को किसी तरह कि जानकारी ना देते हुए तारीख 7 सितंबर को बस्ती के चंद लोगो के साथ मिलकर खराबे कि पत्नी उसकी बेटी और मुनीम ने मंदिर बनाने के लिये पीडित परिवार को परिसर वासियो के सामने जातीवाचक गालिया देकर धमकाना शुरु कर दिया. जिसके चलते पीडित प्लॉट धारक ने मौके कि गंभीरता को भापते हुए पुलिस को फोन पर सूचना कर बुला लिया , पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर दोनो पक्षो को पुलिस स्टेशन की समजाईश दी.

जिसके बाद सुनंदा खराबे ने थाने मे किसी परिचित महिला कर्मचारी को फोन करके घटना की जानकारी दी और फौरन पुलिस स्टेशन पहुंच गये , पीडित परिवार परिसर के लोगो को ले आउट के दुसरे मालिक दिलीप मुंगले (पार्टनर) से फोन पर बात कर यहा अवैध तरिके से मंदिर बनाये जाने की जानकारी देकर थाने पहुंचा तो पुलिस ने पहले ही आरोपी पक्ष कि शिकायत पीडित परिवार के खिलाफ दर्ज कर ली.

जिसके बारे मे पुछताछ करने के बाद पुलिस सिपाही किशोर शिरड ने हमे पुलिस का काम मत सीखाओ जैसे शब्दो का प्रयोग कर पीडित परिवार कि शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया . दरअसल हुडकेश्वर थाने के पुलिस सिपाही किशोर शिरड का उसी भारती हाऊसिंग सोसायटी मे मकान बनाने का काम शुरु है , जिसके चलतें ले -आऊट मालिक के साथ मिलकर उसने पीडित परिवार के खिलाफ शिकायत् दर्ज कर ली , अपनी गुहार पुलिस स्टेशन मे न सुने जाने से आहत होकर पीडित परिवार ने अपनी शिकायत पुलिस आयुक्त के पास लिखित तौर पर दी है , इस परिसर में अधिकांश नागरिक हिंदू समाज से ताल्लुख रखते है ,जबकि पीडित परिवार दलित होने से उन पर निचली जाती का होने के चलते मंदिर निर्माण मे बाधा उत्पन्न करने जैसा गंभीर आरोप लगाया जा रहा है , इसलिये पीडित परिवार ने पुलिस आयुक्त से न्याय कि गुहार लगाकर दोषी ले आऊट धारक कि पत्नी , बेटी , दोनो मुनीम और पुलिस कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई करणे कि मांग कि है .


गौरतलब रहे कि गृहमंत्री अनिल देशमुख अपराध कि घटनाओ पर अंकुश लगाने के लिये भूमाफियो के खिलाफ कारगर कोशिश कर रहे है, साथ ही पुलिस जिमखाना मे शिकायत निवारण शिबीर मे उन्होने 8 भूमाफियाओ के खिलाफ मामले दर्ज करने के आदेश दिये थे, ऐसे में इस मामले मे गृहमंत्री अनिल देशमुख और नागपूर पुलिस आयुक्त क्या कार्रवाई करते है ये भी देखनेवाली बात होगी.

शमानंद तायडे