Published On : Tue, Jul 16th, 2019

बोगस निवासी प्रमाणपत्र देकर पालकों ने लिए आरटीई के तहत स्कुल में एडमिशन

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नागपुर: आरटीई में एडमिशन पाने के लिए शहर में पालकों की ओर से झूठे निवासी प्रमाणपत्र बनाने की जानकारी सामने आयी है. ऐसे 5 पालकों का इसमें समावेश है. जानकारी के अनुसार आरटीई एक्शन कमेटी के चेयरमैन तथा वेरीफिकेशन कमिटी के वेरीफिकेशन ऑफ़िसर मो.शाहिद शरीफ़ को पालक द्वारा बोगस एडमिशन के विषय में शिकायत प्राप्त हुई थी और उसकी पुष्टि करने पर भवन स्कूल में प्रवेश पाने के लिए पालकों ने झूठे निवासी प्रमाणपत्र वेरीफिकेशन कमिटी के सामने प्रस्तुत कर एडमिशन ले लिए. लेकिन जब ज़रूरत मंद पालक को प्रवेश नहीं मिला तो उसने यथावत स्थिति का जायेज़ा लेकर पालकों की शिकायत की. जिन्होंने बोगस निवासी प्रमाणपत्र दिए थे.

आरटीई एक्शन कमिटी के चेयरमैन मो .शाहिद शरीफ़ तथा विलास तिजारे (पालक) दीपाली इंगले (पालक ) और मरियम नगर में रहने वाले नागरिकों के सामने पालकों की जांच की गई. जिस पते पर पालकों ने एडमिशन पाया है वहाँ जब पूछताछ की और पालकों को फ़ोन किया, उस समय एक भी पालक जगह पर नहीं था. इसके बाद पालकों ने कहा कि वे काम पर गए हैं. तब हमने उन के घरवालों को पूछा, जवाब मिला कि वो भी काम पर गए हैं. इतना ही नहीं हमने जब इनके पड़ोसियों से पूछा कि इस नाम का व्यक्ति यहाँ रहता है क्या? तो उन्होंने जवाब दिया कि इन व्यक्तियों को जानते ही नहीं हैं और इन्हें देखा भी नहीं है. इस बोगस निवासी प्रमाण पत्र से यह प्रमाणित हो रहा है कि यहाँ के रहने वालों ने नियम को ताक पर रखते हुए किरायपत्र दिया है. इस बारे में शिकायत प्राथमिक शिक्षणाधिकारी को दी गई है.

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