Published On : Mon, Jan 29th, 2018

न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर हड़ताल पर जाएंगे बस कर्मी

Aapli Bus
नागपुर: भारतीय कामगार सेना के नागपुर इकाई के कामगार प्रतिनिधि भाऊराव रेवतकर और अंबादास शेंडे ने 11 जनवरी को नागपुर महानगरपालिका के आयुक्त अश्विन मुद्गल को पत्र लिख उन्हें जानकारी दी कि उन्होंने 13 जून 2017 को एक परिपत्रक जारी कर सभी ठेकेदारी में कार्यरत कर्मियों को न्यूनतम वेतन देने का निर्देश दिया था लेकिन शिवाय स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत कार्यरत ठेकेदार कंपनी कनक रिसोर्स मैनेजमेंट के अलावा किसी ने उक्त आदेश का पालन नहीं किया. यहां तक की मनपा की ‘आपली बस’ सेवा में कार्यरत कर्मियों को भी न्यूनतम वेतन से महरूम रखा जा रहा हैं. न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर भारतीय कामगार सेना ने 14 सितम्बर 2017 और 9 अक्टूबर 2017, 30 अक्टूबर 2017 व 16 दिसम्बर 2017 को लगातार पत्र व्यवहार करते रहे.

रेवतकर के अनुसार 30 अक्टूबर 2017 को आयुक्त की उपस्थिति में कामगारों के न्यूनतम वेतन सह अन्य समस्याओं पर चर्चा भी हुई थी. उक्त चर्चा में अगले 15 दिनों के भीतर समस्या सुलझाने का आश्वासन भी दिया गया था. लेकिन आज तक प्रशासन ने किये गए वादों को पूरा नहीं किया बल्कि न्यूनतम वेतन की मांग करने वाले कामगारों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया.

सेना ने मांग की है कि 13 जून 2017 के परिपत्रक अनुसार न्यूनतम वेतन अनुसार सभी कामगारों को वेतन लागु किया जाए. सभी ऑपरेटरों की चौकशी विभाग हो, जो किसी कामगार को बर्खास्त करने के पूर्व सम्पूर्ण मामले की जांच करें, इतना ही नहीं अकारण दोष मढ़ने के कारण बर्खास्त किए गए कर्मियों को जांच में निर्दोष पाए जाने पर पुनः सेवारत की जाए. निलंबित कामगारों को नियमनुसार आधा वेतन दिया जाए.

उक्त मांगों को 20 फरवरी 2017 के पूर्व मंजूर कर दी जाए. अन्यथा 20 फरवरी 2017 से उक्त मांगपूर्ति के लिए सेना कामगार हित में अनिश्चितकालीन अनशन करेंगी. इस दौरान होने वाली सभी अड़चनों के जिम्मेदार मनपा प्रशासन की होगी.

उक्त निवेदन की प्रति, मुख्यमंत्री कार्यालय, पालकमंत्री कार्यालय, अपर कामगार आयुक्त, जिलाधिकारी, पोलिसायुक्त, महापौर, परिवहन सभापति, परिवहन व्यवस्थापक, सभी बस ऑपरेटर, एसआईएस सिक्योरिटी व यूनिटी सेक्युरिटी फोर्स सहित मनपा की ओर से परिवहन सेवा संभाल रही डिम्ट्स को भी दी गई.

सेना से जुड़े कामगारों के अनुसार सेना की अल्टीमेटम पर मनपा परिवहन व्यवस्थापक शिवाजी जगताप तिलमिला गए और कामगारों को चेताए अगर कोई बसचालक या कंडक्टर हड़ताल का हिस्सा बना तो उसे बर्खास्त कर देंगे.