Published On : Thu, Apr 5th, 2018

दोपहर 3 बजकर 24 मिनट पर छूटी मुंबई जाने के लिए बुक बीजेपी स्पेशल ट्रेन

नागपुर: नागपुर से मुंबई के लिए बीजेपी द्वारा बुक स्पेशल ट्रेन दोपहर 3 बजकर 24 मिनट पर अजनी रेलवे स्टेशन से छूटी। बीजेपी और रेल विभाग में ट्रेन छूटने को लेकर आपसी सामंजस्य न हो पाने की वजह से सैकड़ों बीजेपी कार्यकर्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मुंबई जाने के लिए सुबह अपने घर के लिए निकले कार्यकर्ताओं को घंटो स्टेशन में इंतजार करना पड़ा। 6 अप्रैल को मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में आयोजित स्थापना दिवस समारोह में पांच हजार कार्यकर्ता नागपुर से मुंबई पहुँचने वाले थे। इनमे से लगभग ढ़ाई हज़ार कार्यकर्ता ट्रेन से मुंबई जाने वाले थे। बीजेपी के शहराध्यक्ष और विधायक सुधाकर कोहले के अनुसार जब ट्रेन बुक कराई गई थी तब उन्हें गुरुवार सुबह साढ़े दस बजे ट्रेन छूटने का समय बताया गया था। इसी समय को ध्यान में रखते हुए कार्यकर्ता स्टेशन पहुँचे लेकिन यहाँ पहुँचने पर पता चला की बीजेपी की स्पेशल ट्रेन सुबह 7 बजकर 50 मिनट पर ही अजनी स्टेशन से रवाना हो गई। इस समय तक जो 10-15 कार्यकर्ता स्टेशन पहुँचे थे उन्हें लेकर ट्रेन मुंबई के लिए रवाना हो गई। कोहले ने इसे रेल विभाग की बड़ी लापरवाही करार दिया।

बहरहाल घंटो इंतज़ार के बाद रेल विभाग द्वारा एक अन्य ट्रेन की व्यवस्था बीजेपी कार्यकर्ताओं के लिए कराई गई जो दोपहर 3 बजकर 24 मिनट पर अजनी रेलवे स्टेशन से मुंबई के लिए निकली।

बीजेपी कार्यकर्ताओ को हुई इस दिक्कत पर बीजेपी के स्थानीय नेताओं ने रेल विभाग के रवैय्ये पर भारी नाराजगी जाहिर की। पूर्व नागपुर से विधायक कृष्णा खोपड़े खुद गुरुवार शाम दुरंतो एक्सप्रेस से मुंबई जाने वाले थे। लेकिन स्पेशल ट्रेन को लेकर हुए विवाद के बाद वो खुद अजनी स्टेशन पहुँचे। यहाँ वो ट्रेन छूटने तक रुके रहे और इस दौरान उनकी रेल विभाग के अधिकारियो से भी विवाद हुआ। खोपड़े ने नागपुर टुडे को बताया की रेल विभाग की वजह से बीजेपी कार्यकर्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बावजूद इसके विभाग के अधिकारियो का व्यवहार लापरवाही भरा रहा। खुद की गलती को दुरुस्त करना रेल विभाग का काम था। अधिकारियो ने दूसरी ट्रेन की व्यवस्था करने की जानकारी दी। ट्रेन आने का कई बार समय दिया लेकिन ट्रेन प्लेटफॉर्म तक नहीं पहुँची।


कई बार आश्वासन मिलने के बाद भी जब ट्रेन नहीं पहुँची तो कृष्ण खोपड़े स्टेशन मास्टर के कैबिन में ही बैठ गए। उन्होंने जल्द से जल्द ट्रेन की व्यवस्था करने का दबाव रेल विभाग के अधिकारियों पर बनाया। बीजेपी द्वारा इस यात्रा के समन्वयक बनाये गए विधायक मिलिंद माने ने भी रेल विभाग को इस लापरवाही के लिए जमकर खरी खोटी सुनाई। उन्होंने बताया की 26 लाख रूपए का भुगतान कर यह विशेष ट्रेन बुक कराई गई थी। नागपुर से मुंबई तक यह नॉन स्टॉप ट्रेन थी इसलिए कार्यकर्ताओं ने उस हिसाब से अपनी व्यवस्था की थी। अब रेल विभाग की गलती का खामियाजा कार्यकर्ताओं को भुगतना पड़ेगा।

दूसरी तरफ अजनी स्टेशन में मौजूद रेल विभाग के अधिकारियों ने बीजेपी पार्टी द्वारा लगाए गए आरोपों को ख़ारिज किया है। अधिकारियो ने ट्रेन बुकिंग से सम्बंधित कागज़ दिखाते हुए बताया की इसमें ट्रेन छूटने का विवरण दिया गया है जिस पर ध्यान नहीं दिया गया। विभाग की तरफ से कोई गलती नहीं हुई है।

विभाग द्वारा दिखाए गए इस पत्र को लेकर शहर बीजेपी कार्यालय सचिव सुधीर हिरडे ने बताया की यह पत्र 4 तारीख को जीएम ऑफिस से नागपुर डीआरएम ऑफिस को भेजा गया था। जिसकी सूचना डीआरएम ऑफिस द्वारा पार्टी को नहीं दी गई। बुधवार को इस यात्रा के संबंध में गणेशपेठ स्थित कार्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक हुई थी। अगर जानकारी होती तो इसकी सूचना कार्यकर्ताओं और नेताओं को दे दी जाती थी। पार्टी प्रवक्ता चंदन गोस्वामी ने रेल विभाग की इस लापरवाही की शिकायत मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस,केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी और रेल मंत्री पियूष गोयल से करने की जानकारी दी है।

गुरुवार को विशेष ट्रेन को लेकर हुए विवाद पर रेल विभाग का पक्ष जानने के लिए मंडल रेल प्रबंधक ब्रजेश कुमार गुप्ता और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक कुश किशोर मिश्र के अलावा कई अधिकारियो से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन विभाग का पक्ष जानने में सफलता हाँथ नहीं लगी।