Published On : Thu, Aug 8th, 2019

रेलवे ई-टिकट की कालाबाजारी का पर्दाफाश

आरपीएफ क्राइम ब्रांच गोंदिया ने देवरी से दलाल को दबोचा

गोंदिया: रेल्वे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने ई-टिकट और तत्काल सेवा सुविधा के दुरूपयोग को रोकने के लिए अब तक गोंदिया जिले के अलग-अलग स्थानों से 4 दलालों को गिरफ्तार किया है। कुल मिलाकर रेल्वे पुलिस की कोशिश यह है कि, आपकी यात्रा सुखमय हो, इसलिए एैसे दलालों की धरपकड़ का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।

स्कूल की छुट्टियां और त्यौहारों के मौसम में अकसर कन्फर्म रेल टिकट इसलिए नहीं मिलती क्योंकि दलाल लोग पहले ही टिकट बुक करवा लेेते है। इस गौरखधंधे में शामिल एजेंटे नए-नए साफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हुए आईआरसीटीसी का अधिकृत एजेंट न होने के बावजूद स्वंय की पर्सनल यूजर आईडी ओर साफ्टवेयर का इस्तेमाल कर ई-टिकिटों का फर्जीवाड़ा करते है तथा उन्हें ज्यादा दामों पर बेच देते है।

विशेष महत्व की बात यह है कि, जब भी कभी आरपीएफ क्राइम ब्रांच की रेड एक जगह होती है तो इस छापे की खबर मिलते ही दुसरे दलाल अपने ऑफिस बंद कर भाग जाते है।

आरपीएफ मंडल सुरक्षा आयुक्त आशुतोष पांडेय एंव सहायक सुरक्षा आयुक्त ए.के. स्वामी के मार्गदर्शन में अपराध शाखा ने अब एैसे टिकट दलालों के खिलाफ शिंकजा कसना शुरू कर दिया है।

मुखबिर से मिली पुख्ता जानकारी के बाद गोंदिया क्राईम ब्रांच के निरीक्षक एस. दत्ता, प्रधान आरक्षक आर.सी. कटरे तथा आरक्षक एस.बी. मेश्राम की टीम 7 अगस्त को आमगांव रोड, देवरी स्थित दुकान पर पहुंची तथा अपने स्वंय के नाम की पर्सनल आईडी से रेलवे की तत्काल व नार्मल ई-टिकट बनाने का अवैध कारोबार करने वाले दुकान संचालक अजय (रा. देवरी) इसे रंगेहाथों पकड़ा। आरोपी आईआरसीटीसी का अधिकृत एजेंट नहीं है बावजूद इसके वह अपने कम्प्यूटर सिस्टम से स्वंय की पर्सनल यूजर आईडी का इस्तेमाल कर टिकट बनाते पकड़ाया।

पुलिस ने एक नग लाइव एंव 5 नग ओल्ड ई-टिकट इस तरह 6 नग ई-टिकट (कीमत 7485 रू), कम्प्यूटर सिस्टम (कीमत 15 हजार) , एक मोबाइल, की-बोर्ड, माउस, प्रिंटर, नकदी 300 रू. की संपत्ति को 2 गवाहों के समक्ष पंचनामा तैयार कर जब्त किया तत्पश्‍चात आरोपी को कानूनी कार्रवाई हेतु गोंदिया रेल्वे पुलिस के सुपुर्द किया गया। आरोपी के खिलाफ अ.क्र. 2278/2019 के धारा 143 रेल अधिनियम का जुर्म दर्ज किया गया है। प्रकरण की जांच रेसुब पोस्ट द्वारा जारी है।

रवि आर्य