Published On : Tue, Feb 4th, 2020

बर्डी के मनपा संकुल की फाइल गायब

बाजार विभाग सह मांगकर्ता पदाधिकारी ने साधी चुप्पी,समझौता होने की शंका

नागपुर : सीताबर्डी में मनपा की ३ मंजिली ईमारत हैं.इस ईमारत के सदुपयोग के लिए परिवहन सभापति इन दिनों काफी जिद्दोजहद कर रहे थे.इसी ईमारत के कुछ हिस्से पर एक पूर्व महापौर का अधिकृत या अनाधिकृत रूप से कब्ज़ा हैं.जिसके लिए सभापति ने बाजार विभाग से सम्बंधित फाइल का मुआयना के लिए मांग की लेकिन विडम्बना यह हैं कि समाचार लिखे जाने तक सभापति के पास नहीं पहुंची।अर्थात विभाग से फाइल नदारत हैं,इसी दौरान उक्त सभापति व पूर्व महापौर के मध्य समझौता होने की जानकारी मिली थी.

याद रहे कि यह मनपा हैं.प्रत्येक वर्ष नगरसेवकों सह अन्य महत्वपूर्ण गायब हो जाते रहे हैं,जिसे आजतक किसी ने गंभीरता से नहीं लिया गया.गायब होने के २ कारण बताये जा रहे पहला की प्रतिस्पर्धा में अधिकारी/कर्मी के मार्फ़त तो दूसरी ओर जिस फाइलों में काला-पीला किया जाता हैं,ऐसे फ़ाइल किसी के हाथ न लगे इसलिए मुख्यधारा से हटा दिया जाता हैं.

उक्त ईमारत मनपा की हैं.यह ईमारत ‘जी प्लस ३’ हैं.तल मां से लेकर दूसरी मंजिल तक ६-६ कमरे हैं व तीसरे मंजिल पर मात्र २ कमरे और सबसे नीचे बेसमेंट में ४ छोटे-छोटे कमरे हैं.तल माला और पहले मंजिल का ३ कमरा मोबाइल के विक्रेताओं को किराया पर दिया गया था.दूसरे मंजिल की ६ कमरे बंद पड़े हैं.इस ईमारत के पार्किंग में आवाजाही के २ मार्ग हैं,जिसमे से एक को ढक दिया गया और दूसरे मार्ग अतिक्रमण देखा गया.इसी ईमारत के कुछ कमरों पर अधिकृत या अनाधिकृत रूप से उक्त पूर्व महापौर का कब्ज़ा हैं.

यह मसला तब उजागर हुआ,जब परिवहन समिति के सभापति ने विभाग संबंधी कार्यालय उपयोग के लिए शहर के मुख्य इलाके बर्डी में जगह ढूंढने के सिलसिले में इस ईमारत का अवलोकन किया।इस दौरान मनपा बाजार,स्थावर,परिवहन विभाग के अधिकारी वर्ग भी साथ थे.

सभापति इस ईमारत के तह में गए तो उन्हें जानकारी मिली कि यह ईमारत मनपा की और इसमें कुछ कमरे खाली तो कुछ पर पूर्व महापौर का कब्ज़ा हैं.जबकि यह जानकारी मनपा बाजार विभाग को पहले से ही पता था,वे मनपा को तब से नुकसान पहुंचा रहे थे.

उक्त फाइल को अब सम्बंधित अन्य विभाग में ढूंढा जा रहा.सभापति के हलचल से पूर्व महापौर सकते में आ गए और गत सप्ताह पूर्व महापौर व परिवहन सभापति के मध्य समझौता होने बाद हाथ मिलाने की जानकारी प्राप्त हुई.शायद इसलिए उक्त सभापति उक्त संकुल के मामले में नरम पड़ गए हैं.

उल्लेखनीय यह हैं कि जल्द ही महापौर व आयुक्त के उपस्थिति में परिवहन विभाग की अहम् बैठक होने जा रही,इस बैठक में उक्त संकुल का परिवहन विभाग सम्बन्धी कार्यालय और पूर्णकालीन परिवहन व्यवस्थापक की नियुक्त करने के विषय पर विशेष रूप से चर्चा होने वाली हैं.