Published On : Thu, Jul 13th, 2017

2 अक्टूबर को समृद्धि महामार्ग का भूमिपूजन


नागपुर
: नागपुर से मुंबई के बीच निर्माण किये जाने वाले समृद्धि महामार्ग का आगामी 2 अक्टूबर को भूमिपूजन किया जायेगा। गुरुवार को नागपुर पहुँचे सार्वजनिक निर्माण कार्य मंत्री एकनाथ शिंदे ने यह जानकारी दी। शिंदे की मौजूदगी में नागपुर की हिंगना तहसील में 6 किसानो से 5.59 हेक्टर ज़मीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की गई और उन्हें 2 करोड़ 59 लाख 93 हज़ार और 431 करोड़ रूपए का भुगतान आरटीजीएस के माध्यम से तत्काल किया गया। नागपुर से मुंबई के बीच 700 किलोमीटर तक बनने वाले इस महामार्ग के लिए नागपुर जिले में 23 किमी का मार्ग शामिल है जिसके निर्माण के लिए 207 हेक्टर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है।

पीडब्लूडी मंत्री के अनुसार 82 हेक्टर जमीन का किसानो से साथ समन्वय करार किया जा चुका है और जल्द ही बाकि किसानों से भी उनकी समहति के साथ अधिग्रहण किया जायेगा। महामार्ग के निर्माण का कई जगह पर किसान विरोध कर रहे है इस पर एमएसआरडीसी के अधिकारियों ने बताया कि 10 जिलों में महामार्ग का निर्माण हो रहा है लेकिन सिर्फ नाशिक के कुछ गाँव के किसानों का ही इस पर विरोध है उनसे संवाद जारी है जल्द ही उनकी शंकाओ का समाधान कर ज़मीन का अधिग्रहण कर लिया जायेगा। 96 प्रतिशत गाँवो में सर्वेक्षण का काम किया जा चुका है और अधिग्रहण के लिए जिले को फंड भी उपलब्ध करा दिया गया है।


किसानों को भरोसे में लेकर ही बढ़ेगा काम

एकनाथ शिंदे के मुताबिक नागपुर मुंबई समृद्धि महामार्ग राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगा। इस ऐतिहासिक योजना का केंद्रबिंदु किसान है इस अत्याधुनिक महामार्ग से न सिर्फ नागपुर से मुंबई की दुरी कम होगी बल्कि इसके आस पास के इलाको का भी विकास होगा। महामार्ग के बीच में चार जगहों पर विमानों की आपात लैंडिंग की भी व्यवस्था होगी। 24 जगहों पर कृषि समृद्धि केंद्र होंगे और 20 हजार लोगो को रोजगार मिलेगा। इस योजना में किसानो के हितो का ध्यान रखा जायेगा उन पर किसी तरह का अन्याय नहीं होगा किसानो की सहमति के बाद ही योजना पर काम होगा। 371 किलोमीटर के हिस्से में किसानो की सहमति से मोजमाप हो चुकाहै जबकि 672 किलोमीटर के सर्वेक्षण का कार्य भी पूरा किया जा चुका है।


मुआवज़े को लेकर किसानो के प्रश्नो के समाधान का भरोसा

किसानो के साथ हुई पीडब्लूडी मंत्री की बैठक में किसानो से मेट्रो रीजन की वजह से मुआवजा कम मिलने का सवाल उपस्थित किया इस पर मंत्री का कहना था की वो इस मुद्दे को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति के समक्ष रखेंगे और किसानो के पक्ष में ही निर्णय लिया जायेगा। मेट्रो रीजन में भूमिअधिग्रहण के लिए मुवाज़ना ज्यादा ही है फिर भी इस पर चर्चा की जाएगी।