Published On : Wed, Feb 22nd, 2017

जमीन घोटाले में अपना पक्ष रखने खड़से हुए हाज़िर


नागपुर:
पुणे जिले के भोसरी में हुए जमीन घोटाले की जाँच के लिए गठित न्यायमूर्ति डी. झोटींग के सामने पूर्व राजस्व मंत्री एकनाथ खड़से उपस्थित हुए। बुधवार को समिति ने करीब साढ़े तीन घंटे मामले में पुनः परीक्षण किया । इस मामले में सीधे तौर से फंसे खड़से ने समिति के समक्ष जमीन से जुड़े किसी भी तरह के व्यवहार से इनकार किया। पहले जमीन खरीदी का व्यवहार नियम के अनुसार किये जाने का दावा खड़से द्वारा ही किया गया था। लेकिन आज की सुनवाई में वह अपने बीते दावे से मुकर गए। अब खड़से के इस नए बयान के बाद उनकी मुश्किलें बढ़ने की संभावना भी बढ़ गयी है। मामले की अगली सुनवाई 27 फरवरी को होगी जिसमें समिति के सामने उनकी पेशी होगी।

भोजनावकाश के बाद खड़से एक बार फिर समिति के सामने हाजिर हुए उनकी पेशी चल रही थी तभी उन्होंने अपने गृहनगर जलगांव में एक कार्यक्रम का हवाला देते हुए उन्हें जाने देने की अपील की, जिसे समिति ने मान लिया।

खड़से पर पद का दुरूपयोग कर भोसरी में परिवारजनों को जमीन देने का आरोप है। इस आरोप की जाँच के लिए 23 जून 2016 को न्यायमूर्ति डी. झोटींग समिति का गठन किया गया था। बीते आठ महीनों के दौरान राजस्व, उद्योग, एमआयडीसी विभाग के अधिकारियों ने अपना पक्ष रखा। इसी बीच मामले से जुड़े सभी दस्तावेजों की भी जाँच की गयी।

मामले में अधिकारियो की दोबारा जाँच भी हो चुकी है। अपना पक्ष रखने के लिए खड़से भी समिति के सामने उपस्थित हुए। खड़से से जो शपथपत्र समिति के सामने दिया है उसमे जमीन के निजी होने का दावा किया गया है ऐसी जानकारी उनके वकील ऍड. एम.जी. भांगडे ने पत्रकारों को दी। मामले में एमआयडीसी की पैरवी कर रहे ऍड. चंद्रशेखर जलतारे ने पत्रकारों को बताया कि समिति के सामने खड़से द्वारा दिए गए बयान में उन्होंने जमीन से जुड़ी किसी भी तरह की जानकारी निजी तौर पर उनके पास नहीं होने की बात कही है।

एड. जलतारे के अनुसार जमीन व्यवहार की जानकारी सात-आठ जून को प्राप्त होने की जानकारी खड़से ने समिति को दी है, जबकि उन्होंने 3 जून को ही अपना इस्तीफ़ा दिया। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या उन्हें खुद के इस्तीफे की वजह की जानकारी नहीं थी क्या? चार करोड़ के जमीन का व्यवहार घर के व्यक्ति के माध्यम से किया जा रहा है और इसकी जानकारी घर के प्रमुख को ही नहीं ऐसा कैसे हो सकता है। एमआयडीसी के वकील ने खड़से की इस सफाई पर भी हैरानी जताई। मामले में खड़से की तरफ से कई मसले पर सफाई आनी अभी बाकी है जो आगामी 27 तारीख को सामने आएगी।