Published On : Tue, Sep 17th, 2019

भागवत अशांत जीवन को शांत बनाती हैः योगेश कृष्णजी महाराज

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नागपुर: कुलदेवी महिला मंडल की ओर से पितृपक्ष पर श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ महोत्सव दुर्गा देवी मंदिर, नवाबपुरा, महाल में आयोजित की गई है. कथा का सरस रसपान चित्रकूट निवासी कथाकार बाल व्यास योगेश कृष्ण जी महाराज भक्तों को करा रहे हैं. कथा के द्वितीय दिवस कथा व्यास ने कहा कि भागवत की सबसे बड़ी महिमा यह है कि अशांत जीवन को शांत बना देती है. इस घोर कलयुग में मनुष्य बहुत ज्यादा तनाव में और अशांति में जी रहा है.

संसार में सब आनंद की प्राप्ति करना चाहते हैं लेकिन आनंद किसी को भी नहीं मिल पर रहा. भौतिक साधन, भौतिक उपलब्धियां व धन आदि पाने के बाद भी मनुष्य अशांत है. क्योंकि मनुष्य का मन शांति के धाम भगवान में नहीं लगा और जड़ रूपी संसार में मन लगाकर जीव अशांत हो गया. जब तक मन में आध्यात्म का प्रकाश नहीं होगा तब तक माया के अधीन रहकर जीव अशांत रहेगा. लेकिन जब जीव भागवत रस को पी लेगा तो हृदय से सारे विकार खुद बाहर चले जाएंगे और हृदय शुद्ध होकर उसमें भक्ति का दीपक जागृत होगा.

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कथा व्यास ने आगे कहा कि भागवत पुराण नहीं यह तो पुराणों का सम्राट है. भागवत के पुराण सम्राट की झांकी पुराणों में बताई गई है. भागवत की सेवा में सभी अन्य पुराण रहते हैं. भागवत तो साक्षात श्री कृष्ण है. भागवत और भगवान में कोई अंतर नहीं है. हृदय में भगवान तब प्रकट होंगे जब हम निष्काम होकर केवल भगवान को हृदय में बिठाने की ही कामना से श्रवण करेंगे.

आज व्यासपीठ का पूजन महिला मंडल की अनिता दीक्षित, पूजा सोलंकी, माया सोनुले, सविता मेंढेकर, शोभा धोपटे, जया वारूलकर, शारदा पवार, सुनीता चैहान, रूक्मिणी राजकुमार, कंचन पवार, सरिता गहेरवार, संध्या आमदरे, जया वाघ, रूपाली नाकाड़े, ज्योति दिल्लीवाल, शालिनी मानापुरे, सविता ठाकुर, कल्याणी बैस, संजीवनी प्राणायाम, मीना बैस, शैला चंदेल, रीना राजुरकर, गायत्री कोहले, सुनीता बैस, अरूणा इटनकर, शेवंता शेंडे ने किया. कथा का समय दोपहर 3 से 6 रखा गया है. इस अवसर पर अधिक से अधिक संख्या मंे उपस्थिति की अपील की गई है.

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