Published On : Fri, Nov 29th, 2019

भागवत कथा कल्पवृक्ष समानः सदानंद जी महाराज

मंगल कलश यात्रा के साथ वर्धमान नगर में भागवत कथा का शुभारंभ

नागपुर: भागवत एक कल्पवृक्ष की तरह है. भगवान श्री कृष्ण कलियुग में जब अपनी लीलाएं समाप्त कर रहे थे तो उन्होंने अपने आप को भागवत में स्थापित किया. भागवत कथा का श्रवण जो भी करेगा उस व्यक्ति के जीवन का सबसे बड़ा ध्येय है जो ज्ञानियों के लिए मोक्ष, भक्तों के लिए ईश्वर प्राप्ति, उसका वो लक्ष्य पूरा होगा. उक्त उद्गार श्री कृष्ण प्रणामी परिवार के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ में संत शिरोमणि सदानंद जी महाराज ने कथा महात्म्य को समझाते हुए कहे. श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन श्री वीसालाड़ वणिक समाज भवन, पूर्व वर्धमान नगर में 3 दिसंबर तक किया गया है. कथा के मुख्य यजमान अनंत अग्रवाल व नीता अग्रवाल हैं.

कथा आरंभ से पूर्व आज धूमधाम से मंगल कलश यात्रा श्री गोवर्धन नाथ हवेली मंदिर से कथा स्थली तक निकाली गई. शोभायात्रा में आगे सिर पर पोथी धारण कर यजमान अनंत अग्रवाल व नीता अग्रवाल चल रहे थे. 51 महिलाएं सिर पर कलश रख चल रही थीं. बैंड बाजे में आरती की सुमधुर धुन बजाई जा रही थी. पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा स्वागत किया गया.

कथा व्यास ने आगे कहा कि भागवत कथा के श्रवण मात्र से मनुष्य को सभी प्रकार के पापों से मुक्ति मिल जाती है. मनुष्य का भगवान की अद्भुत लीलाओं से साक्षात्कार होता है. कथा सुनने से ज्ञान बढ़ता है तो मनुष्य भगवान की भक्ति को प्राप्त कर सांसारिक बंधनों से मुक्त हो जाता है. इसके श्रवण से जीवन श्रेष्ठ बनकर सकारात्मक गुणों का विकास होता है. इसलिए भागवत कथा जहां भी श्रवण करने को मिले इसे निर्मल भाव से सुनें व सत्य धर्म के मार्ग का पालन करें.

आज व्यासपीठ का पूजन यजमान परिवार सहित अनिल गुप्ता, दिनेश गोयल, सतीश जिंदल, कैलाश चंद अग्रवाल, गिरधारी अग्रवाल, दिनेश गुप्ता, सजन अग्रवाल, पुरषोत्तम मंडविया, शंकर अग्रवाल, सुंदरलाल गोयल, पवन अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, सुभाष अग्रवाल, मनमोहन मालपानी, सत्यनारायण गोयल, मुरली महिपाल, गोपाल खंडेलवाल, मयूर ठक्कर, बंटी सिंघानिया, पैलेश जोशी, विनोद शर्मा, विजय अग्रवाल, भरत मिश्रा, सुरेश अरोड़ा, अनुसूर्या अग्रवाल, मधु अग्रवाल, भगवती अग्रवाल, कलावती अग्रवाल, विमला गाडोडिया, लक्ष्मी अग्रवाल, दीपा गोयल, मीना अग्रवाल, गीता शर्मा, शारदा अग्रवाल सहित अन्य ने किया. कथा का समय दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक रखा गया है.