नागपुर टुडे- उत्तर नागपुर में बड़ी रकम की भिसी चलाने का झांसा देकर तीन लोगों से 16 लाख 55 हजार 800 रुपए की धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। आरोपी ने आकर्षक मुनाफे का भरोसा दिलाकर पीड़ितों से रकम जमा कराई, लेकिन भिसी की अवधि पूरी होने के बाद न तो उन्हें मुनाफा दिया और न ही मूल रकम वापस की। मामले में कपिल नगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार मानेवाड़ा निवासी किरण नारायण देवगडे (32) की पहचान एक मित्र के माध्यम से नारी रोड निवासी गुरुप्रीतसिंह मनजीतसिंह वाडे से हुई थी। आरोपी ने खुद को बड़ी भिसी संचालित करने वाला बताते हुए किरण और उनके दोस्तों को रकम निवेश करने के लिए तैयार किया।
इसके बाद नारी रोड स्थित ‘मोगा मोटर्स’ कार्यालय में 13 जुलाई 2024 से 16 दिसंबर 2025 के बीच पीड़ितों ने अलग-अलग रकम जमा कराई। शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने किरण देवगडे से 5 लाख 56 हजार रुपए, उनके मित्र नीरज से 8 लाख 49 हजार 800 रुपए तथा प्रशांत गावंडे से 2 लाख 50 हजार रुपए लिए।
समय पूरा होने पर खुली धोखाधड़ी की पोल
भिसी की निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद पीड़ितों ने आरोपी से अपनी रकम और वादा किया गया मुनाफा वापस मांगा। आरोप है कि आरोपी ने रकम लौटाने में टालमटोल शुरू कर दी। काफी समय बीतने के बावजूद न तो मुनाफे का भुगतान किया गया और न ही मूल रकम वापस की गई।
बार-बार मांग करने के बाद भी रकम नहीं मिलने पर पीड़ितों को अपने साथ धोखाधड़ी होने का संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने कपिल नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर गुरुप्रीतसिंह वाडे के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब आरोपी द्वारा अन्य लोगों से भी इसी तरह रकम लिए जाने की संभावना को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। साथ ही रकम के लेन-देन और भिसी से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।




