Published On : Thu, Mar 11th, 2021

समीर मेघे से नाराज़ प्रेम झाड़े ने अंततः भाजपा छोड़ा

– 14 मार्च को एनसीपी में लेंगे प्रवेश

नागपुर : पिछले विधानसभा चुनाव पूर्व विधायक समीर मेघे ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी अपने ही पक्ष के वाड़ी के नगराध्यक्ष प्रेम झाड़े का वजन कम करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनायें।वहीं झाड़े वाड़ी क्षेत्र विकास के लिए जीतोड़ मेहनत कर रहे थे.इसके बाद भी मेघे-झाड़े के मध्य मनोमिलन के बजाय दरारें बढ़ती गई.हालात यहाँ तक पहुँच गई कि भाजपा ने भी झाड़े के बजाय मेघे को तवज्जों दी,इससे क्षुब्ध होकर झाड़े और उनके हज़ारों समर्थकों ने भाजपा को राम-राम कह दिया।इसी बीच उन्हें एनसीपी ने गले लगा लिया।वे आगामी 14 मार्च को प्रदेशाध्यक्ष जयंत पाटिल की उपस्थिति में हज़ारों समर्थकों संग एनसीपी में प्रवेश करने जा रहे हैं.

प्राप्त जानकारी अनुसार वाड़ी इलाके के 31 बूथ कार्यकर्ताओं ने भी इस्तीफा दे दिया।

झाड़े ने बताया कि बीते 27 साल से भाजपा में निष्ठावान रूप से कार्य किया।भाजपा का जिला महामंत्री पद भी संभाला,जिला नियोजन समिती पर भी रह चुका हूं।लेकिन मेरा वाड़ी का नगराध्यक्ष बनना ही विधायक समीर मेघे को रास नहीं आया। वह अपने करीबी निष्क्रिय को अध्यक्ष बनाना चाहते थे।

 

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झाड़े ने कहा कि वाड़ी विकास को लेकर मैने सभी पक्ष के नगरसेवकों को साथ लेकर बिना विवाद के नगर परिषद चलाई, सभी को समान निधि भी दिया। लेकिन विधायक मेघे ने सिर्फ भाजपा नगरसेवकों को निधि देने का निर्देश दिया था,।ऐसा नही करने पर विधायक समीर मेघे ने ढाई करोड रुपए का निधि जिलाधिकारी को पत्र देकर रुकवा दिए. वही वाड़ी शहर के लिए 36 करोड़ के विकास कामों का प्रस्ताव बनाया गया था।जो प्रस्ताव मंत्रालय में खुद लेकर गया था,वहां पर भी विधायक मेघे रोड़ा बने।भाजपा की सरकार होने के बाद भी हमारा प्रस्ताव समीर मेघे ने रोका,ऐसा संगीन आरोप झाड़े ने लगाया। हर विकास के काम में विधायक मेघे रोड़ा अटकाते रहे व अपमानित करने का लगातार प्रयास किया।

उल्लेखनीय यह हैं कि जो निधि वाड़ी में जलापूर्ति के लिए मिला वह केंद्र व राज्य सरकार ने दिया,स्थानीय विधायक का इसमें कोई सहयोग नही,वही खड़गाव सीमेंट सड़क के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के निर्देश पर 3 करोड़ 70 लाख निधि मंजूर होने के बाद उसे विधायक समीर मेघे ने जिलाधिकारी को पत्र देकर उसे रुकवाया।