Published On : Sat, Feb 23rd, 2019

अजनी रेलवे स्टेशन बनेगा देश का नंबर वन स्टेशन- केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी

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नागपुर: शनिवार को नागपुर रेलवे स्टेशन के पश्चिमी द्वारा के गार्डन पर 100 फीट ऊँचे टावर पर शनिवार को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की मौजूदगी में तिरंगा फहराया गया. इस दौरान गडकरी ने प्लेटफार्म पर लगाए गए एस्कलेटर, नागपुर-अहमदाबाद प्रेरणा एक्सप्रेस और नागपुर जयपुर एक्सप्रेस में लगे नए एलएचबी कोच का भी उद्घाटन किया. इस समय गडकरी ने कहा कि जल्द ही नागपुर के अजनी रेलवे स्टेशन का मल्टीमॉडल पैसेंजर हब की तर्ज पर विकास किया जाएगा. इसके लिए 12 सौ करोड़ रुपये मंजूर भी हुए हैं. 26 फरवरी तक इसकी टेंडर प्रक्रीयां भी शुरू हो जाएगी.

आनेवाले कुछ ही समय में यह वर्ल्ड का बेस्ट व देश का नंबर वन स्टेशन बनेगा. विडियों लिंक के माध्यम से गडकरी ने इतवारी से केलोड तक शुरू नई पैसेंजर गाड़ी को भी हरी झंड़ी दिखाई. साथ ही नागपुर स्टेशन व अजनी स्टेशन से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषनाएं भी की .

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गड़करी ने बताया कि, रेलवे बोर्ड को भेजे प्रस्ताव को मंजूरी मिलने से अब नागपुर-सिकंदराबाद-नागपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस, नागपुर-पुणे-नागपुर गरीबरथ एक्सप्रेस व नागपुर-कोल्हापुर-नागपुर महाराष्ट्र एक्सप्रेस अजनी स्टेशन पर भी रूकेंगे . ऐसे में इन गाड़ियों में सवार होनेवाले दक्षिण दिशा के यात्रियों को नागपुर स्टेशन पर आने की जरूरत नहीं होगी.

उन्होंने बताया कि पहले चरण में शुरु मेट्रो के काम काफी हद तक पूरा हो गया है. जल्दी इसे नागपुर में शुरू किया जानेवाला है. इसी के साथ मेट्रो का 11 हजार करोड़ का दूसरा फेस को भी मंजूरी के लिए राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार तक भेजा है. ऐसे में आनेवाले समय में नागपुर-वर्धा, नागपुर-रामटेक, गोंदिया-वर्धा, वर्धा-नरखेड आदि की ओर मेट्रो चलाई जाएगी. वर्तमान स्थिति की तुलना अधिक तेजी से मेट्रो दौड़ने से नागपुर-रामटेक 28 मिनट में और नागपुर वर्धा 30 मिनट में पहुंचा जा सकेगा. नागपुर से कामठी व कामठी से कन्हान को भी मेट्रो से जोड़ा जाएगा .

नागपुर स्टेशन पर पहुंचनेवाले यात्रियों को अब 24 घंटे तिरंगा लहराते हुए दिखेगा . 13 लाख के खर्च से स्थापित इस तिरंगे की उंचाई 100 फीट की है . वर्तमान स्थिति में यह शहर का सबसे उंचे तिरंगे में गिना जाएगा. इस तिरंगे की पहल आरपीएफ के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त ने की थी. वही डीआरएम सोमेश कुमार ने इसको लेकर तत्परता से काम करते हुए इसे साकार किया गया.

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