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    Published On : Mon, Feb 8th, 2021

    चेंबर ने महाराष्ट्र उपमुख्यमंत्री श्री अजितदादा पवार को आगामी राज्य बजट हेतु प्रतिवेदन दिया

    विदर्भ के 13 लाख व्यापारियों की अग्रणी व शीर्ष संस्था नाग विदर्भ चेंबर आॅफ काॅमर्स के अध्यक्ष श्री अश्विन मेहाड़िया के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने महाराष्ट्र राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं वित्तमंत्री माननीय श्री अजितदादा पवार से मुलाकात महाराष्ट्र राज्य वर्ष 2021-22 के आगामी बजट हेतु प्रतिवेदन द्वारा सुझाव देकर व्यापारियों को राहत देने की मांग की।

    अध्यक्ष श्री अश्विन मेहाड़िया ने प्रतिवेदन देते हुये कहा कि कि 1 अगस्त 2016 से राज्य सरकार ने LBT खत्म कर दिया था, किंतु स्थानीय संस्थाओं द्वारा LBT असेसमेंट की प्रक्रिया वर्तमान समय में भी शुरू है। वर्तमान वर्ष में कोरोना लाॅकडाउन के कारण लगभग 6 माह तक व्यापार पूर्ण बंद रहने के कारण व्यापारियोें की आर्थिक परिस्थिती भी लड़खड़ा गई है। अतः सरकार ने LBT की प्रक्रिया को पूर्णतः खत्म करने के साथ-साथ LBT विभाग बंद कर व्यापारियों को राहत देना चाहिये। LBT विभाग द्वारा एकतरफा जजमेंट आॅर्डर निकालकर अव्यवहारिक डिमांड नोटिस भेजे जा रहे हैं। LBT के डिमांड नोटिस को जवाब नहीं देने पर व्यापारियों के बैंक खाते Cease किये जा रहे है एवं LBT का चालान का भुगतान केवल म.न.पा. कार्यालय के महाराष्ट्र बैंक अलावा अन्य किसी बैंक द्वारा स्वीकार नहीं किये जा रहे जो कि बहुत ही अहितकारी व अन्यायकारी है। ऐसे में व्यापारी चाहते हुये LBT का भुगतान नहीं कर पा रहे है।

    चेंबर के उपाध्यक्ष श्री अर्जुनदास आहुजा ने कहा देश में 1 जुलाई 2017 जी.एस.टी. लागू होने के पश्चात् अन्य करों के साथ MVAT का विलय भी जी.एस.टी. हो गया था, किंतु MVAT के असेसमेंट की प्रक्रिया वर्तमान में भी शुरू है। जिसके कारण व्यापारियो को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होनें कहा कि MVAT के लंबित मामलों को जल्द से जल्द समाप्त करने के लिये वर्ष 2019 की “MVAT अभय योजना” को पुनः शुरू करना चाहिये तथा असेसमेंट प्रक्रिया को पूर्णतः समाप्त व्यापारियों को राहत देना चाहिये।


    चेंबर के उपाध्यक्ष श्री फारूखभाई अकबरली ने माननीय श्री अजितदादा पवार से निवेदन करते हुये कहा कि चेंबर द्वारा काफी समय समय प्रोफेशनल टैक्स को पूर्णतः खत्म करने की मांग की जा रही है। जिसका संज्ञान लेते हुये सरकार ने प्रोफेशनल टैक्स को पूर्णत समाप्त करना चाहिये। अगर प्रोफेशनल टैक्स पूर्णतः समाप्त नहीं किया जा सकता तो, नौकरीपेशा जनता के लिये प्रोफेशनल टैक्स पूर्णतः समाप्त किया जाना चााहिये अन्यथा रू 25000/- से अधिक वेतन वाले कर्मचारियों पर प्रोफेशन टैक्स लागू किया जाना चाहिये।

    चेंबर के उपाध्यक्ष श्री संजय के. अग्रवाल ने कहा कि कोरोना काल में रियल इस्टेट व्यापार को बढ़ावा देने के लिये आपकी सरकार ने स्टेम्प डयुटी में 2% से 3% तक राहत दी है। जिसका आंशिक लाभ रियल इस्टेट व्यापार को हो रहा है। सरकार ने स्टेम्प ड्युटी में राहत देकर रियल इस्टेट व्यापार को बढ़ावा दिया किंतु वर्तमान में रेडी रेकनर के रेट बहुत ही अधिक होने के कारण रियल इस्टेट व्यापार को स्टेम्प ड्युटी की राहत का पूर्ण लाभ नहीं मिल पा रहा है। अतः सरकार ने स्टेम्प ड्युटी राहत के साथ-साथ रेडी रेकनर के रेट भी कम करने चाहिये तथा स्टेम्प ड्युटी राहत की समय सीमा बढ़कार 31 मार्च 2020 करना चाहिये। ताकि रियल इस्टेट व्यापार में वृद्धि हो एवं जनमानस को भी इसका लाभ प्राप्त हो सके।

    चेंबर के सहसचिव श्री स्वप्निल अहिरकर ने कहा कि नागपुर सुधार प्रन्यास (NIT) के साफ्वेअर प्रणाली के तकनीकी दोषो एवं रिन्युअल की प्रलंबित प्रक्रिया के कारण प्लाॅट के संबंधी 800 से 1000 फाईले Pending है। जिसके कारण महानगरपालिका के आय रूक गई है। डिमांड द्वारा प्राप्त आय से महानगर पालिका द्वारा बहुत ही कम कार्य हो पा रहे है। साथ ही 800 से 1000 फाइले रूकी हुई होने के कारण सरकार को करीबन 10 करोड़ का रेव्हन्यु नहीं मिल पा रहा है। अतः सरकार ने जल्द से ना.सु.प्र. के डिमांड साफ्टवेअर का जल्द से जल्द रिन्युअल कराकर प्लाॅट निर्माण कार्य संबंधित लंबित फाईलों का निपटारा करना चाहिये।
    वर्तमान में व्यापारी वर्ग विभिन्न करों के बोझ तले दबा हुआ है। कोरोना महामारी की वर्तमान परिस्थितियों का देखते हुये महाराष्ट्र सरकार ने चेंबर द्वारा दिये गये सुझावों का संज्ञान लेते हुये आगामी बजट में व्यापारी हित में घोषणाएं करते हुये व्यापारी को राहत देना चाहिये।

    महाराष्ट्र राज्य के उपमुख्यमंत्री व वित्तमंत्री माननीय श्री अजितदादा पवार ने कहा कि वे चेंबर द्वारा दिये गये सुझावों को बजट समिती के समक्ष रखकर व्यापारियों को राहत देने का देने का हरसंभव प्रयास करेंगे।

    चेंबर के सचिव श्री रामअवतार तोतला ने कहा हमें पूर्ण विश्वास है कि उपरोक्त सुझावों का संज्ञान लेते हुये राज्य सरकार वर्ष 2021-22 के आगामी बजट में व्यापारियों एवं जनमानस के लिये राहतपूर्ण निर्णय लेकर महाराष्ट्र राज्य की आर्थिक प्रगती को बढ़ावा देंगे।
    इस अवसर पर चेंबर के सर्वश्री – अध्यक्ष – अश्विन मेहाड़िया, उपाध्यक्ष – अर्जुनदास आहुजा, फारूखभाई अकबानी, संजय के. अग्रवाल, कोषाध्यक्ष – सचिन पुनियानी, सहसचिव – स्वप्निल अहिरकर उपस्थित थे।

    उपरोक्त जानकारी प्रेस विज्ञप्ति द्वारा सचिव श्री रामअवतार तोतला ने दी।

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