Published On : Fri, Oct 31st, 2014

वाशिम : अहमदनगर हत्याकाण्ड : गुनहगारों को शीघ्र पकड़ फांसी दें – भारिप

Nishedh sabha & Dharne andolan
वाशिम। अहमदनगर ज़िले के जवखेड़ में एक दलित परिवार की नृशंस हायकाण्ड के आरोपियों को शीघ्र पकड़ कर फांसी देने की मांग वाशीम ज़िले के भारिप बमसं ने की है. इस संबंध में भारिप बमसं ने 30 अक्टूबर को जिलाधिकारी कार्यालय के सामने जोरदार धरना-आंदोलन कर जिलाधिकारी को एक निवेदन सौंपा.

यहाँ जारी विज्ञप्ति में बताया कि फुले, शाहू, आंबेडकर के नाम पर राजनीति करने वाले महाराष्ट्र में प्रतिदिन कहीं न कहीं किन्ही कारणों से दलित व आदिवासी समाज के लोगों पर अन्याय-अत्याचार का दौर जारी है. यदि खैरलांजी प्रकरण में आरोपियों को फांसी दी गई होती तो शायद दलितों पर पुनः ऐसे नृशंस हत्याएं नहीं होतीं. इससे उन समाजद्रोहियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं. इसी कड़ी में भण्डारा के तीन बच्चियों का बलात्कार कर कुएं में फेंक दिया गया, पुलिस अब भी आरोपियों तक पहुँच नहीं पाई है. एक अन्य घटना में अहमदनगर ज़िले के खर्डा, सोनाई गांव के संजय खोब्रागड़े को छल-कपट कर मार दिया गया. इसकी वेदना ख़त्म नहीं हुई कि जवखेड़ के जाधव परिवार की अमानवीयता की सारी हदों को हत्यारे पार कर गए. इतना ही नहीं अबतक उनके हत्यारों को पुलिस अब तक पकड़ नहीं पाई. अनेक ऐसे गुनहगार राजनेताओं की शह पर अपराध कर छूट हैं और दलितों पर अत्याचार थमने का नाम नहीं ले रही हैं.

ऐसे तमाम आरोपों के साथ भारिप बमसं ने अहमदनगर ज़िले की घटना के तमाम आरोपियों को शीघ्र पकड़ कर फांसी पर लटकाने की मांग की है. धरने में डॉ. रामकृष्ण कालापाड़, पी.एस. खंदारे, एड. किसनराव सालुंके, नारायण चौहान, केशव सभदिंडे, भारत भगत, शंकर तायडे, मधुकर चक्रनारायण, आत्माराम सुतार, राहुल कांबले, दत्ता वानखड़े, कुसुमताई सोनुने, अशोकराव मोहोड़, रुखमाबाई सावंत, देवराव कटके, रवि अंभोरे, गजानन रणबावले, प्रदीप मोरे, संजय भगत, रामप्रभु, सोनोने, सिद्धार्थ जमधाडे, राहुल नरवाड़े, गौतम नरवाड़े, नितिन नरवाड़े, लक्ष्मण उचित, सचिन नरवाड़े, अशोक जमधाडे, उत्तम नरवाड़े, जनार्दन जमधाडे, लक्ष्मण जमधाडे, माधव जमधाडे, भारत कांबळे, अरविन्द उचित, विलास सरकटे, आत्माराम भगत, अमोल वानखड़े, श्याम खरात, प्रह्लाद तायडे, शंकर खरात, देवानंद वोकोडे, निम्बाजी साबरदंडे, सु. ना. खंडारे, सोपान पडघान, प्रॉ. रामदास कलासरे, अशोक तिड़के, गजानन खंदारे, भरत अंभोरे, महादेव ढाकने, सिंधुताई वानखड़े, प्रमिलाताई शेळके, शालीग्राम चुंबले, भारत कांबळे, विजय सिरसाट, विश्वनाथ पारडे, राहुलदेव मनवर, अर्जुन दाभाडे, परसराम इंगले, बबनराव खंडारे, पप्पू घुगे, समाधान खड़से, सुभाष अंभोरे, प्रॉ. दीपक गवई, प्रविन पट्टेबहादुर, कोंडुजी तायडे, दत्तराव धांडे, किशन काले शामिल थे.