Published On : Fri, Oct 27th, 2017

दो संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी पर सियासी जंग, रुपानी का अहमद पटेल पर बड़ा आरोप


अहमदाबाद: गुजरात चुनाव से पहले दो संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच सियासी घमासान छिड़ गया है। शुक्रवार को मीडिया के सामने आए सीएम विजय रुपानी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद अहमद पटेल पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भरुच के जिस अस्पताल से बुधवार को अरेस्ट किए गए IS के संदिग्ध आतंकी जुड़े हैं, अहमद पटेल उस अस्पताल के ट्रस्टी रहे हैं।

उन्होंने अहमद पटेल से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि उन्हें इस पर सफाई देनी चाहिए। उधर कांग्रेस तुरंत पटेल के बचाव में सामने आई और आरोपों को निराधार बताया। खुद अहमद पटेल ने भी बयान जारी कर कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए।

‘सोनिया और राहुल दें जवाब’
मुख्यमंत्री विजय रुपानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 2014 तक अहमद पटेल उसी अस्पताल के ट्रस्टी थे, जहां यह आतंकी कर्मचारी के रूप में कार्यरत था। रुपानी ने कहा कि पटेल को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। साथ ही सीएम ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी से इस मामले में जवाब मांगा है।

‘ गुजरातियों को मत बांटिए’
सीएम विजय रूपाणी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद खुद अहमद पटेल ने एक साथ कई ट्वीट किए और अपना पक्ष रखा। उन्होंने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि शांति से प्यार करने वाले गुजरातियों को आतंकवाद से लड़ने के नाम पर न बांटा जाए।


‘आरोप बेबुनियाद, दोषियों को दें फांसी’
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भरत सिंह सोलंकी ने सीएम रुपानी के आरोप को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी राजनीति न करे बल्कि राष्ट्रनीति करे। सोलंकी ने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों जगह बीजेपी की सरकार है, वे जांच कराएं और जो भी दोषी हो उन्हें फांसी की सजा दें। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि बीजेपी के मुख्यमंत्री अपनी सरकार की कमजोरी छिपाने के लिए इस तरह के आधारहीन बयान दे रहे हैं।

गौरतलब है कि बुधवार को एटीएस ने आईएस के दो संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें से एक आतंकी कासिम टिंबरवाला की पहचान अंकलेश्वर के अस्पताल कर्मचारी के रूप में हुई है। वहीं दूसरा आतंकी उबैद पेशे से वकील है।