
नागपुर : शहर के आशिष एनएक्स में हुई भीषण अग्निकांड की घटना के बाद फायर सेफ्टी व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। आग की इस घटना ने यह बहस तेज कर दी है कि नागपुर में बिना फायर एनओसी के कितनी इमारतें संचालित हो रही हैं और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।
जानकारी के अनुसार, मुख्य अग्निशमन अधिकारी तुषार बाराहाते ने स्वीकार किया कि फायर एनओसी के बिना संचालित होने वाली इमारतों को विभाग की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। हालांकि, जब उनसे ऐसी इमारतों की संख्या, नाम और आगे की कार्रवाई के बारे में जानकारी मांगी गई, तो उन्होंने इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
मामले की जानकारी के लिए विभाग के अन्य अधिकारियों से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने भी इस संबंध में जानकारी देने से इनकार करते हुए कहा कि इस विषय पर केवल मुख्य अग्निशमन अधिकारी ही अधिकृत रूप से जानकारी दे सकते हैं।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि विभाग के पास बिना फायर एनओसी वाली इमारतों का रिकॉर्ड मौजूद है और नोटिस जारी किए जा चुके हैं, तो फिर इन इमारतों की जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही है। नागरिकों का मानना है कि सुरक्षा से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बेहद आवश्यक है, ताकि लोग संभावित खतरों के प्रति जागरूक रह सकें।
आशिष एनएक्स अग्निकांड ने सिर्फ एक इमारत में सुरक्षा व्यवस्था की कमी को उजागर नहीं किया, बल्कि शहरभर में फायर सेफ्टी नियमों के पालन और प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अब नागपुरकरों की मांग है कि बिना फायर एनओसी के संचालित इमारतों की सूची सार्वजनिक की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
फिलहाल, इस पूरे मामले में विभाग की चुप्पी और जानकारी साझा करने से बचने की प्रवृत्ति ने नागरिकों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।







