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    Published On : Thu, Jan 3rd, 2019

    क्रिकेटर बनने से परिजनों ने रोका तो चार नाबालिग घर से भागकर पहुंचे नागपुर

    आरपीएफ की टीम ने चारों को रेलवे चाइल्डलाइन के हवाले किया

    Nagpur Railway station

    नागपुर: घर से भाग कर आए 4 नाबालिग बच्चों को नागपुर की आरपीएफ टीम ने रेलवे के चाइल्ड लाइन के हवाले किया है. जानकारी के अनुसार गुरुवार को नागपुर के मंडल सुरक्षा नियंत्रण कक्ष से निरीक्षक वी.एन.वानखेड़े को सूचना मिली कि 4 नाबालिक बच्चे नागपुर रेलवे स्टेशन पर घूम रहे हैं, जिनके परिजनों ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट हैदराबाद में दर्ज कराई है.

    इसके बाद आरपीएफ के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त ज्योतिकुमार सतीजा को इसकी जानकारी दी गई. इसके बाद चारों बच्चों की फोटो व्हाट्सप्प पर मंगवाई गई. फोटो के आते ही ‘ स्पेशल क्राइम डिटेक्शन ‘ की टीम ने स्टेशन पर बच्चों की खोजबीन शुरू की. इसी दौरान आरक्षक नितेश ठमके और दीपक पवार को चारों बच्चे नागपुर स्टेशन के प्लेटफार्म नं. 2 के इटारसी छोर की ओर बने ब्रिज के पास नजर आए.

    इसके बाद बच्चों को आरपीएफ थाना लाया गया. उसके बाद स्टेशन के चाइल्ड लाइन के प्रतिनिधि रंजीत कुंभारे और रोशनी मेश्राम को बुलवाकर बच्चों से पूछताछ की गई. बच्चों ने बताया कि वे क्रिकेटर बनना चाहते हैं लेकिन परिजनों ने इसकी अनुमति नहीं दी.

    जिसके कारण वे परिजनों को बिना बताए घर से भाग कर नागपुर पहुंचे हैं. इसके बाद उपनिरीक्षक ने सभी बच्चों के घर संपर्क कर परिजनों को उनके बच्चे सुरक्षित होने की जानकारी दी. सुरक्षा की दृष्टि से सभी बच्चों को उनके परिजनों के नागपुर पहुंचने तक नागपुर के रेलवे चाइल्डलाइन के हवाले किया गया है. इन बच्चों में दो की उम्र 13 वर्ष और दो की उम्र 14 वर्ष है. यह कार्रवाई आरपीएफ के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त ज्योतिकुमार सतीजा के मार्गदर्शन में की गई है.

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