Published On : Fri, May 26th, 2017

अवकाशकाल में मनपा शिक्षकों को प्रशासन ने दिया तुगलकी फरमान, गूंजे विरोध के सुर


नागपुर:
देशपांडे सभागृह में शुक्रवार 26 मई को मनपा प्रशासन ने मनपा के सभी शिक्षकों की अनिवार्य बैठक ली। बैठक में सभी शिक्षकों को शहर के 600 घरों में जाकर गीला-सूखा कचरा छंटाई करने संबंधि आदेश दिए गए। साथ ही नागरिकों से जनजागरण व सहमति पत्र भी भरवाकर लेने का निर्देषित भी दिया। इस जनजागरण के बाद किए गए कार्यों की जांच करने की ताकीद दी गई। लेकिन मनपा प्रशासन के इस मनमाने फैसले का मनपा शिक्षक संघ ने आदेश को तुगलकी आदेश करार देते हुए इसका कड़ा विरोध किया है।

संघ के अध्यक्ष राजेश गवरे ने जानकारी दी कि मनपा शालाओं में 10 मई से ग्रीष्मकालीन अवकाश लग गई है। अवकाश काल में कई शिक्षकों ने घूमने फिरने का मन बनाया ही था कि अचानक मनपा शाला निरीक्षक व मुख्याध्यापक ने शिक्षकों को निर्देश दिया कि 26 मई को देशपांडे सभागृह में कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इसमें सभी की उपस्थिति अनिवार्य होने की जानकारी भी दी गई। कार्यशाला में न आनेवाले शिक्षक का एक दिन का वेतन काटे जाने की भी चेतावनी दी। लिहाजा शुक्रवार को देशपांडे सभागृह में करीब एक हजार मनपा शिक्षकों ने हाजिरी भी लगाई। कार्यशाला की शुरुआत होते ही मनपा प्रशासन ने विषय बदल कर केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित सूखा-गीला कचरा संकलन व उससे जुड़े जन जागरण मुहिम को 5 जून से शुरू करने के निर्देश दे दिए। इसे शिक्षक संघ ने तुगलकी आदेश बताते हुए इसका निषेध किया। लेकिन इस विरोध को मनपा प्रशासन ने अनसुना कर दिया।

गवरे बताते हैं कि इससे पहले भी मनपा प्रशासन ने 9 मई को शिक्षकों से सभी विद्यार्थियों को अलगे शैक्षणिक सत्र के लिए ड्रेस अनुदान के िलए खाता खुलवाने की मुहिम दी थी। इस मुहिम को भी शिक्षकों ने करीब सप्ताह भर में पूरा कर दिया था। लेकिन इसके बाद भी अवकाश काल में नई मुहिम थमाए जाने से शिक्षक वर्ग में नाराजी के स्वर तेज होने लगे हैं। मनपा शिक्षक संघ ने प्रशासन को अपने निर्णय पर दोबारा विचार करने की अपील की है। वहीं महापौर ने इस मसले पर यह कहते हुए विरोध और भड़का दिया कि नगरसेवकों से ज्यादा वेतन शिक्षकों को दिया जाता है, इसलिए उन्हें बेहिचक यह काम करना चाहिए। उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय ने शिक्षकों के संदर्भ में कड़क निर्देश दिए थे कि उनसे शैक्षणिक कार्य के अलावा कोई अन्य कार्य न कराए जाएं। मनपा शिक्षक संघ ने यह कार्य मनपा के स्वास्थ्य विभाग के मार्फत करवाने की मांग भी की है।