नागपुर टुडे – जरीपटका थाना क्षेत्र के अशोक नगर, अंबाटोली में बिजली गुल होने के दौरान हुआ एक दर्दनाक हादसा एक परिवार की खुशियां छीन गया। बाथरूम में गई 8 वर्षीय बच्ची तेजस्विनी आहके अंधेरे में खौलते पानी से भरी बाल्टी से टकरा गई। बाल्टी गिरने से पूरा खौलता पानी उसके शरीर पर जा गिरा और वह गंभीर रूप से झुलस गई। करीब 66 फीसदी शरीर झुलस जाने के बाद उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन कई दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद तेजस्विनी ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, अशोक नगर के अंबाटोली परिसर में रहने वाली तेजस्विनी आहके घटना के समय बाथरूम में गई थी। इसी दौरान अचानक बिजली चली गई और पूरा परिसर अंधेरे में डूब गया। बाथरूम में रखी खौलते पानी से भरी बाल्टी अंधेरे के कारण दिखाई नहीं दी। तेजस्विनी का पैर बाल्टी से टकराया और वह गिर गई। देखते ही देखते बाल्टी में भरा खौलता पानी उसके शरीर पर जा गिरा।
66 फीसदी शरीर झुलसने से हालत गंभीर
खौलता पानी गिरने के कारण तेजस्विनी बुरी तरह झुलस गई। हादसे के बाद बच्ची की चीख-पुकार सुनकर परिजन तत्काल मौके पर पहुंचे। उसकी गंभीर हालत देखते हुए बिना समय गंवाए उसे उपचार के लिए मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने जांच के बाद उसके शरीर का करीब 66 फीसदी हिस्सा झुलसने की पुष्टि की। गंभीर रूप से झुलसी बच्ची का अस्पताल में उपचार शुरू किया गया, लेकिन उसकी हालत लगातार चिंताजनक बनी रही।
उपचार के दौरान जिंदगी की जंग हारी
परिजनों और चिकित्सकों की तमाम कोशिशों के बावजूद तेजस्विनी की हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका। गंभीर रूप से झुलसने के कारण उसकी हालत नाजुक बनी रही। आखिरकार उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। हादसे से पूरे परिसर में भी शोक का माहौल है।
पिता के बयान पर आकस्मिक मृत्यु दर्ज
घटना की जानकारी मिलने के बाद जरीपटका पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। मृतक बच्ची के पिता तेजस आहके (40) के बयान के आधार पर पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया है। पुलिस द्वारा हादसे के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बिजली गुल होने के दौरान अंधेरे में बाल्टी से टकराने के कारण यह हादसा हुआ।




