Published On : Wed, Mar 31st, 2021

विद्यार्थियों को हो रही समस्याओ को लेकर एबीवीपी ने किया एग्जामिनेशन कंट्रोलर का घेराव

नागपुर– नागपुर यूनिवर्सिटी की 25 मार्च 2020 से शीतकालीन ऑनलाइन परीक्षाएं शुरू हुई है. इन परीक्षाओ में विद्यार्थियों को विभिन्न समस्याओ का सामना करना पड़ रहा है. एबीवीपी की ओर से कई बार यूनिवर्सिटी को निवेदन दिया गया है और संपर्क भी किया गया है. लेकिन यूनिवर्सिटी की तरफ से किसी भी प्रकार की सकरात्मक कार्रवाई नहीं की गई. जिसके कारण एबीवीपी नागपुर महानगर के सदस्यों ने बुधवार 31 मार्च को नागपुर यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक प्रफुल साबले के ऑफिस में उनका घेराव किया और उनसे मांग की है.

जिसमें 25 तारीख को जिनके पेपर नहीं हो सके, उनके पेपर लेने सम्बंधित यूनिवर्सिटी कब सुचना देगी ? सी-मैट परीक्षा व् बी. कॉम विद्यार्थियों की परीक्षा एक दिन है, इस सन्दर्भ में यूनिवर्सिटी क्या करेगी ? परीक्षा के दौरान सर्वर डाउन की समस्या विद्यार्थियों को हो रही है, विद्यार्थियों को लॉगिन के लिए काफी देर लग रही है, गूगल लोकेशन शुरू होने पर भी बार बार गूगल लोकेशन की मांग वेबबेस द्वारा की जा रही है. जो विद्यार्थियों तकनिकी कारणों से परीक्षा से वंचित हुए है, उनके लिए यूनिवर्सिटी क्या नियोजन करेगी.

परीक्षा के पहले पेपर में तकनिकी समस्या के लिए जिम्मेदार कौन है ? परीक्षा लेनेवाली प्रोमार्क एजेंसी पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई. एक अभ्यास मंडल में विद्यार्थियों को दूसरे अभ्यास मंडल के प्रश्न आते है. आज दिनांक 31 मार्च को जो पेपर हुआ है, बी.कॉम पांचवे सेमेस्टर की परीक्षा के लिए 2 मिनट का समय दिया गया, इसके लिए जिम्मेदार कौन है.

इन सभी मांगो को यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक के सामने एबीवीपी के सदस्यों ने रखा है. इसके साथ ही इन्होंने मांग की है कि सभी मुद्दों पर नागपुर यूनिवर्सिटी ने तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए और प्रोमार्क एजेंसी का एग्रीमेन्ट अगले सत्र से बंद करना चाहिए. एबीवीपी के महानगर मंत्री करण खंडाले ने चेतावनी दी है कि अगर मांगे नहीं मानी गई तो यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा. इस पर नागपुर यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक प्रफुल साबले ने आश्वासन दिया है की कोई भी विद्यार्थी परीक्षा से वंचित नहीं रहेगा. इस दौरान बड़ी तादाद में एबीवीपी के सदस्य और विद्यार्थी मौजूद थे.