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    Published On : Thu, Oct 29th, 2020

    ९० प्रतिशत लोग चाहते है… शहर में न हो गंगा जमूना बस्ती

    – ‘बॅन गंगा जमूना’ अभियान के अंतर्गत किये गए सर्वे का निष्कर्ष,महिला अत्याचार के मामलो मे नागपूर देश मे सातवे स्थानपर

    नागपूर: ‘बॅन गंगा जमूना’ अभियान के अंतर्गत गांधीबाग क्षेत्र के नागरिकों मे किये गए सर्वे मे ९० प्रतिशत लोग चाहते है की गंगा जमूना बस्ती शहर मे कही भी ना हो. ओपिनियन पोल के माध्यम से किये गये इस सर्वे मे ६९ प्रतिशत पुरुषो और ३१ प्रतिशत महिलाओ ने अपनी राय दी. सर्वे मे सहभागी हुए लोगो मे ५३ प्रतिशत इसी परिसर के रहिवासी है, इसके अलावा २८ प्रतिशत व्यापारी और १९ प्रतिशत लोग शहर के अन्य क्षेत्र से है. सर्वे के माध्यम से गंगा जमूना बस्ती के संपर्क से शहर के अन्य जगहो के देह व्यापार के नेटवर्क, सेक्स ट्रॅफिकिंग और इससे संबंधित अपराधो पर लगाम लगाने की कोशिश है.

    नॅशनल क्राईम रेकॉर्ड ब्युरोने (एनसीआरबी) ने हाल ही मे जारी किये आकडो के मुताबिक महिलांओ पर हो रहे अत्याचार के मामले मे नागपूर शहर देश मे सातवे पायदान पर है. ‘एनसीआरबी’ के इसी रिपोर्ट के अनुसार नागपूर शहर मे हत्या और अपहरण के मामलो मे अनुक्रमे २५ और ७.६ प्रतिशत की वृद्धी हुई है. नागपूर शहर मे बढ रहे अपराधीक मामलो की संख्या चिंता का विषय है, पिछले कुछ दिनो मे पुलीसद्वारा की गई कारवाईयो मे अधिकतर अपराध सेक्स रॅकेट, ड्रग्स सेवन और इसके व्यापार से संबंधित अन्य घटनाओ का संबंध गंगा जमूना बस्ती से होने की संभावना है. इसी का पता करने के लिये सामाजिक कार्यकर्ताओ ने सुनिल गोटेफोडे के मार्गदर्शन मे यह सर्वे किया है.

    इस सर्वे से सटीक निष्कर्ष मिल सके इसके लिये सर्वे के लिहाज से चुने गये सद्सयो मे इस क्षेत्र मे १५ साल से अधिक समय से रहने वाले ६९ प्रतिशत नागरिक, १० से १५ साल से रह रहे २८ प्रतिशत नागरिक और ५ से १० साल से रह रहे ३ प्रतिशत नागरिको समेत गंगा जमूना बस्ती के संपर्क मे रहनेवाले कुछ अन्य नागरिकों को शामिल किया गया.

    सर्वे के माध्यम से पता चली जानकारी
    इस सर्वे मे १०० प्रतिशत नागरिकों ने कहा की बगल मे गंगा जमूना बस्ती होने से परिवार पर बुरा असर पडता है. हमेशा महिलाओ के सुरक्षा का डर बना रहता है. शहर मे बढ रहे अपराधीक मामलो की वजह भी यह बस्ती है.

    ९० प्रतिशत नागरिकों को लगता है की इस बस्ती के कारण शाम को इस परिसर मे लडकियो से छेडछाड, अश्लील टिपणी, अभद्र व्यवहार… जैसी घटनाये होती रहती है.

    ८८ प्रतिशत लोगो की राय मे इस बस्ती मे ड्रग्स का सेवन किये जाने के साथ ड्रग्स का व्यापार भी होता है, इस वजह से युवा इसका शिकार हो रहे है.

    ८५ प्रतिशत लोग बताते है की नशे की लत लगने बाद लढाई-झगडे होने लगते है. और महिलाओ के साथ बदसलुकी की जाती है.

    ५० प्रतिशत नागरिकों के अनुसार इस बस्ती के कारण महिलाओ के साथ बलात्कार जैसे घिनोने अपराध होते है.

    ८० प्रतिशत नागरिकों का कहना है की इस बस्ती के वजह से शहर मे हत्या, मारधाड, चोरी जैसे वारदातो की संख्या बढ गई है.

    सामाजिक कार्यकर्ता सुनिल गोटाफोडे: पिछले कई सालो से गंगा जमूना बस्ती मे देह व्यवसाय पर रोक लगाने की मांग की जा रही है. लेकीन राजनितीकहीत के चलते कुछ नेताओ ने ‘बॅन गंगा जमूना’ अभियान मे हस्तक्षेप कर उसे विफल किया. परंतु कोर्ट ने गांधीबाग स्थित गंगा जमूना मे महिलाओ को रहने की अनुमती तो दी, लेकीन देह व्यवसाय पर रोक लगाई है. बावजुद इसके यहा देह व्यवसाय हो रहा है, जीसके चलते शहर मे अपराधीक मामले बढ रहे है.

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