Published On : Mon, May 16th, 2022

कोयला खदान नीलामी से मिली 7 लाख करोड़

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– देश के तमाम खदानों की नीलामी होगी तो सरकार को करीब 30.35 लाख करोड़ रुपये का राजस्व मिलेगा- पूर्व केंद्रीय मंत्री हंसराज अहीर

नागपुर – पूर्व केंद्रीय मंत्री हंसराज अहीर ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में देश को कोयला खदानों से 7 लाख करोड़ रुपये मिले हैं जो कांग्रेस के कार्यकाल में उद्योगपतियों को मुफ्त में दिए गए थे. इसके और बढ़कर करीब 30.35 लाख करोड़ रुपये होने की उम्मीद है.

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केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान, 208 कोयला खदानों का आवंटन किया गया था। कांग्रेस के एक सांसद को 10 खदानें दी गईं। इतना ही नहीं दिल्ली में डेली नीड्स चलाने वाले एक दुकानदार को खदान आवंटित की गई थी। कांग्रेस के कार्यकाल में जिनका दिल्ली में प्रभाव था,उन्हें खदान आवंटित किया गया था,फिर वे मुंहमांगी कीमत वसूल कर अन्य को बेच देते थे।इससे केंद्र सरकार को एक रुपए का राजस्व नहीं मिल रहा था।इसी दौरान अहीर ने उक्त मामला प्रकाश में लाया था.निरंतर मामला सार्वजानिक करने बाद जिसे’कोलगेट’ घोटाला के नाम से जाना जाने लगा.
वर्ष 2012 में, CAG की एक रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया था कि कोयला खनन से राजस्व में 1.86 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार आते ही सभी खदानों की नीलामी की गई. इससे पारदर्शिता आई। वर्ष 2015 से वर्ष 2021 के बीच हुई नीलामी से केंद्र सरकार को 10.35 लाख करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है. अभी तक 50 ब्लॉकों की ही नीलामी हुई है। हंसराज अहीर ने दावा किया कि जब सभी खदानों की नीलामी होगी तो सरकार को करीब 30.35 लाख करोड़ रुपये का राजस्व मिलेगा.

कमी नहीं, उद्योग बढ़े

अतीत में, देश 500 मिलियन टन कोयले का उत्पादन करता था। यह अब 679 मिलियन टन उत्पादन कर रहा है। नतीजतन, इंडोनेशिया से कोयले के आयात में गिरावट आई है। अहीर ने कहा कि उद्योग में वृद्धि और आयात में गिरावट के कारण कोयले की कमी है।

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