Published On : Mon, May 16th, 2022

राम भरोसे जिलापरिषद का सिंचाई विभाग

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– सत्तापक्ष मदहोश तो अधिकारी वर्ग मदमस्त

नागपुर – नागपुर जिला परिषद सिंचाई विभाग में अजीबोगरीब कारोबार चल रहा है,मानो जिला परिषद् रामभरोसे हो गया है,किसी भी विभाग पर आला अधिकारी-पदाधिकारी का ध्यान नहीं हैं. इस विभाग के काम में अनियमितता सामने आने के बाद अब सम्पूर्ण व्यवस्था ठप पड़ गई है। जिला योजना समिति द्वारा स्वीकृत धनराशि का कार्य एक वर्ष बीत जाने के बाद भी नहीं किया गया है। यहाँ तक कि विभाग द्वारा कोई टेंडर जारी नहीं किया गया था।

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तालाब को गहरा करने सहित अन्य कार्यों के नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्र के नागरिक परेशान हैं. चर्चा है कि आर्थिक कारणों से इस काम का टेंडर जारी नहीं किया गया। वहीं, सिंचाई विभाग द्वारा टालमटोल किया जा रहा है।

जिला योजना समिति के माध्यम से वर्ष 2021-22 के लिए जिला परिषद के सिंचाई विभाग को 7.5 करोड़ स्वीकृत किये गये। इस कोष से तालाबों को गहरा करने, मरम्मत व अन्य कार्य किए जाने हैं। सिंचाई विभाग की तालाबों को भी मछली पकड़ने के लिए पट्टे पर दिया जाता है। इससे मछुआरा समुदाय को भी लाभ होता है। इसलिए इस फंड को पिछले वित्तीय वर्ष में खर्च किए जाने की उम्मीद थी। लेकिन साल भर में एक रुपया भी खर्च नहीं हुआ।

ज्ञात हो कि जल प्रबंधन समिति की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी. साल भर पैसा खर्च नहीं करने पर हैरानी जताई जा रही है। जबकि 7.5 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी, किसी भी कार्य के लिए विभाग द्वारा कोई निविदा जारी नहीं की गई थी। बताया जा रहा है कि इससे पहले राशि खर्च की गई थी। अब विभाग राशि खर्च करने से कतरा रहा है। विभाग में कुछ लोगों द्वारा मनपसंद ठेकेदार के लिए निधि को ब्लॉक किया गया.

इससे पहले इसी विभाग में जमानत राशि में घोटाला हुआ था और 12 ठेकेदारों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करायी गयी है. लेकिन विभाग का ठेकेदारों का प्यार कम होता नहीं दिख रहा है।

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