Published On : Mon, Dec 8th, 2014

गड़चिरोली : 6 राष्ट्रीय महामार्गों को मिली मंजूरी

 

  • सांसद अशोक नेते ने दी जानकारी
  • पृथक विदर्भ पर भी होगी चर्चा

Ashok Nete
गड़चिरोली। गड़चिरोली-चिमूर लोकसभा क्षेत्र में करीब 30 हजार करोड़ रुपये लागत के 6 राष्ट्रीय महामार्गों के लिए मंजूरी दी गई है. अब शीघ्र ही इस कार्य की शुरूआत की जाने की जानकारी सांसद अशोक नेते ने 7 दिसम्बर को पत्र-परिषद में दी. वहीं पृथक विदर्भ के प्रस्ताव पर भी चर्चा किए जाने की बात कही.
सांसद नेते ने कहा कि गड़चिरोली-चिमूल लोकसभा क्षेत्र में उत्तम यातायात व्यवस्था की दृष्टि से राष्ट्रीय महामार्ग निर्माण के संदर्भ में हमने केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के पास लगातार पहल करते रहे. उसी का संज्ञान लेकर उन्होंने 6 राष्ट्रीय महामार्गों के लिए मंजूरी प्रदान की है. उनका अनुमानित लागत 30 हजार करोड़ के आसपास होगा. सिरोंचा-कालेश्वर के बीच 7 किलोमीटर के 363, करंजी-वणी-घुग्गुस-मूल-गड़चिरोली-छत्तीसगढ़ सीमा तक 930, साकोली-लाखांदूर-वड़सा-गड़चिरोली-आलापल्ली-सिरोंचा 353-डी, निजामाबाद-मंचेरियाल-सिरोंचा-जगदलपुर व नागपुर-उमरेड-भिसी-चिमूर-वरोरा महामार्ग ऐसे कुल 6 राष्ट्रीय महामार्ग निर्माण किया जाना है. इन महामार्गों के निर्माण के बाद यातायात में सुधार आएगा. ऐसे उद्योग स्थापित करने में सुगमता से नए मार्ग खुलेंगे.

वड़सा-गड़चिरोली रेल मार्ग के लिए राज्य व केन्द्र सरकार ने 50 प्रतिशत की भागीदारी का वादा किया. इससे शीघ्र ही रेल मार्ग प्रशस्त हो सकेगा. इस संबंध में रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने नक्सलग्रस्त भागों में रेल विकास को महत्व व प्रमुखता से निधि जारी करने का आश्वासन देने से आलापल्ली में रेलवे आरक्षण सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी. 5 दिसम्बर को स्वतंत्र विदर्भ के लिए लोकसभा में प्रस्ताव पारित करने पर विचार किए जाने से अब शीघ्र ही संसद में चर्चा हेतु प्रस्ताव रखी जाएगी.

इसे पूर्व 1998 में राज्य के विधिमंडल में सुधीर मुनगंटीवार ने स्वतंत्र विदर्भ के लिए प्रस्ताव रखा था. वन कानून के मद्देनजर गड़चिरोली जिले में सिंचाई प्रकल्प देर हो रही है इस पर 12 दिसम्बर को लोस में प्रस्ताव रखा जाएगा.

पत्र परिषद पर विधायक डॉ. देवराव होली, भाजपा के जिला सचिव डॉ. भारत खटी, ज्येष्ठ नेता प्रकाश अर्जुनवार, महासचिव श्रीकृष्ण कावनपुरे, सुधाकर येनगंधलवार, स्वप्निल वरघंटे, प्रतिभा चौधरी, रेखा डोलस, विलास भांडेकर, संजय बारापात्रे, पराग पोरेड्डीवार, प्राचार्य डी.के. मेश्राम उपस्थित थे.