Published On : Sat, Feb 21st, 2015

चंद्रपुर : बाघिन के अंगो के साथ 4 तस्कर गिरफ्तार

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चार पंजे, दात, मूंछ व लोहे के फंदे जब्त

बाघिन की हड्डियों का 30 हजार में सौदा

Punch of Tiger
चंद्रपुर। तीन दिन पूर्व यहां के वरोरा नाका चौक में बाघिन की अंगों की तस्करी करते हुए जाल बिछाकर सुनील पून को गिरफ्तार किया था. उसके बाद वनविभागने आरोपी ली जांच करके 24 घंटों में अन्य शिकारियों का पता लगाकर इसमें से मुख्य आरोपी समेत अन्य चार आरोपियों को गुरुवार को गिरफ्तार किया. वहीं वनविभाग के अधिकारीयों ने आरोपियों के लालपेठ व रय्यतवारी कॉलरी के निवास स्थान पर छापा मारकर चार पंजे, दात, मूंछ व शिकार करने की चीजें जब्त की. आरोपियों में नरसय्या मामीडवार, येलय्या मामीडवार, शंकर मामीडवार व मधुकर शामिल है. इससे पहले सुनील पून व लक्ष्मण तोरम को गिरफ्तार किया गया था.

प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्य चांदा वनविभाग के उपवनसंरक्षक गजेंद्र हिरे व वनपरिक्षेत्र अधिकारी दिलीप वडेट्टीवार ने बाघिन शिकार का मामला उजागर करने के बाद पूरा घटना क्रम सामने आया है. तीन दिन तक इस शिकार के मामले में सुनील पून व सावन लक्ष्मण तोरम को गिरफ्तार किया गया था. दोनों आरोपियों की जांच करने पर इस शिकार के मामले में शामिल अन्य आरोपियों के नाम व शिकार का घटनास्थल दिखाया उसके बाद गुरुवार लालपेठ निवासी नरसय्या मामीडवार, येलय्या मामीडवार, शंकर मामीडवार एक ही परिवार के 3 आरोपियों समेत मधुकर ऐसे 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. इन चारों आरोपियों को भीवकुंड नाला परिसर में बाघिन होने की जानकारी थी. इसी जानकारी के आधार पर आरोपियों ने करीब तीन माह पूर्व भीवकुंड नाला, शासकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय से सन्मित्र सैनिकी विद्यालय के पीछे के जंगल में 20 लोहे के फंदे लगाए थे. फंदे लगाने के बाद चारों आरोपी नियमित जंगल में जाकर जांच करते थे. ऐसे ही एक दिन बाघिन लोहे के फंदे में फसी. उसने फंदे से निकलने के की काफी कोशिश की. इसमें उसके पैरों तथा सिर में गंभीर जख्म हुई. उसके बावजूद लोहे के फंदे को तोड़कर वो चंद्रपुर वनविभाग के नियमित जंगल तक आई जहां उसकी मौत हो गई. इस दौरान यह चारों आरोपी उसका पीछा कर रहे थे. बाघिन की मौत होते ही आरोपियों ने जंगल में ही उसका शव छुपा कर रखा. उसके बाद उसकी खाल, पैर, मुंडी, पुंछ ऐसे शरीर के तुकडे करके उसका ठिकाना लगाया गया. इन सभी छह आरोपियों को साथ लेकर वनाधिकारी हिरे, वडेट्टीवार, धोत्रे व अहीरे के दल ने सुबह 7 बजे से अभियांत्रिकी महाविद्यालय ते सन्मित्र सैनिकी विद्यालय के पीछे के जंगल की जांच करने पर जंगल में जगह-जगह लगाए गए 20 लोहे के फंदे जब्त किए गए. बाघिण एक फंदे से निकली तो दूसरे फंदे में फसेगी इस उद्देश से फंदे लगाए गए थे. ऐसा कबुली जबाब आरोपियों ने वनाधिकारियों को दिया. इस शिकार के मामले में विसापूर निवासी विजय वैद्य व अन्य आरोपी फरार है. वन दल उनकी तलाश कर रही है.

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उल्लेखनीय है कि,  इससे पहले इन शिकारियों ने बाघिन समेत अन्य वन्यप्राणियों का शिकार किया है. वनविभाग उसकी भी जाँच कर रही है. वहीं गुरुवार को आरोपियों के लालपेठ व रय्यतवारी कॉलरी परिसर के निवासस्थान पर छापा मारा गया. जहां वनविभाग को बड़े पैमाने में शिकार के लिए इस्तेमाल होने वाले अवजार मिले. वहीं आरोपियों से कुछ अवजार व शस्त्र जब्त किये गए है ऐसी जानकारी वनपरिक्षेत्र अधिकारी वडेट्टीवार ने दी. बाघिन के चार पंजे, दात, मूंछ व अन्य चीजे जब्त की गई है. लेकिन खाल अभीतक नहीं मिली है. आरोपियों ने खाल जंगल में गाड़कर रखी होगी या फिर विजय वैद्य के पास होगी, ऐसा संदेह है. शातिर शिकारी लगाता है ऐसे तरीके से जंगल में फंदे लगाए गए थे. आरोपी मामीडवार शिकारी में व फंदे लगाने में शातिर है, ऐसी जानकारी वडेट्टीवार ने दी.

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