2500 प्लास्टिक उत्पादकों का व्यवसाय बंद

नागपुर: प्लास्टिक के उपयोग के कारण पर्यावरण को हो रहे नुकसान को लेकर राज्य सरकार की ओर से इसके उपयोग पर लगाई गई पाबंदी के कारण जहां 2500 प्लास्टिक उत्पादकों का व्यवसाय बंद हो गया, वहीं 56,000 कामगार बेरोजगार होने का खुलासा गुरुवार को विधानसभा में पूछे गए प्रश्नोत्तर के लिखित जवाब में हुआ. प्लास्टिक बंदी को लेकर विधानसभा सदस्य अतुल भातखेड़कर, पृथ्वीराज चव्हाण, विजय वडेट्टीवार, नसीम खान आदि सदस्यों द्वारा दिए गए प्रश्न में बताया गया कि इस तरह की विपदा आने के बाद प्लास्टिक उत्पादक उद्योजकों द्वारा मुख्यमंत्री और पर्यावरण मंत्री से भेंट कर अप्रैल में राहत देने की मांग की गई. इस संदर्भ में पर्यावरण मंत्री रामदास कदम का मानना था कि संबंधित उद्योजकों ने उक्त दोनों मंत्रियों को निवेदन दिया है.

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10 कम्पनियों को नोटिस
लिखित जवाब में बताया गया कि औरंगाबाद जिले के वालुज रेलवे स्टेशन, चिखलठाना, पैठन आदि स्थित इंडस्ट्रीयल एरिया में अनेक कम्पनियों में प्लास्टिक बंदी होने के बावजूद उत्पादन शुरू होने से प्रदूषण नियंत्रण मंडल की ओर से 10 कम्पनियों को नोटिस जारी किया गया जिसमें थर्माकोल कम्पनियों का भी समावेश है. 22 मार्च 2018 और 10 अप्रैल 2018 को सरकार के फैसले के अनुसार प्लास्टिक, थर्माकोल से तैयार होनेवाले उत्पादनों पर बंदी को लेकर पर्यावरण मंत्री की अध्यक्षता में शक्ति प्रदत्त समिति का गठन किया गया. समिति में वित्त, उच्च व तकनीकी शिक्षा, उद्योग, कामगार विभागों के मंत्री तथा पर्यावरण राज्यमंत्री, अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव, विधि व न्याय विभाग के प्रधान सचिव आदि को शामिल किया गया है.

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कामगारों के संदर्भ में लिया जाएगा फैसला
लिखित जवाब में बताया गया कि प्लास्टिक बंदी को लेकर जारी किए गए अध्यादेश के अनुसार अब उत्पादक, विक्रेता, खुदरा व्यापारी, वितरक और उपयोगकर्ताओं को राज्य के बाहर बिक्री के लिए, प्राधिकृत रिसाइकिलिंग सेंटर, स्थानीय स्वराज्य संस्था के पास तकनीकी रूप से इसका निपटारा करने के लिए हस्तांतरित करना है, जिसके लिए राज्य सरकार की ओर से 3 माह का समय दिया गया था. समय समाप्त होने के बाद कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए थे. प्लास्टिक को पर्यावरण पूरक विकल्प उपलब्ध होने के कारण तथा प्लास्टिक बंदी के कारण बेरोजगार हुए कामगारों के संदर्भ में कामगार विभाग से जानकारी लेकर आगे की कार्यवाही करने का लिखित जवाब भी दिया गया.

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