Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!
    | | Contact: 8407908145 |
    Published On : Mon, Nov 30th, 2020

    अमित राय को लीपापोती के लिए दिए २४ घंटे का नोटिस

    – रेत माफिया मामला ठंडा करने के लिए कर रहा दौडमभाग

    नागपुर – तहसीलदार प्रताप वाघमारे के निर्देश पर मंडल अधिकारी ने खापा निवासी रेत माफिया अमित राय द्वारा एक खेत में अवैध रेत उत्खनन कर जमा करने की सूचना मिलने पर शनिवार शाम बड़ी कार्रवाई की.काफी घंटों बाद अर्थात रविवार की दोपहर राय को मात्र २४ घंटे की मोहलत देकर उसके जमा किये रेत मामला पर अपना पक्ष रखने का लिखित निर्देश दिया।इसे अन्य रेत माफिया समझौते की नज़र सर देख रहे,और राय को इस मामले में दौडमभाग करते हुए भी देखा जा रहा.जबकि दंडात्मक या फौजदारी कार्रवाई की जाने की उम्मीद थी लेकिन कारण बताओ नोटिस दिए जाने से जाँच पर आंच आई,ऐसी गर्मागरम चर्चा जिले में हिचकोले खा रही.

    मालूम हो कि अवैध रेत उत्खनन पर पिछले 4 माह से ‘नागपुर टुडे’ द्वारा सतत ध्यानाकर्षण करवाया जा रहा था।इस संबंध में जिलाधिकारी रविन्द्र ठाकरे को जानकारी देने पर उन्होंने सिरे से नज़रअंदाज किया।

    लगभग ४ मख बाद जिले में किसी रेत माफिया पर अवैध उत्खनन मामले पर बड़ी कार्रवाई की गई.शनिवार को सावनेर के तहसीलदार प्रताप वाघमारे के सख्त निर्देश पर करजघाट में शाम 5 बजे छापामार कार्रवाई की गई,जिसमें रेत माफिया की 2 पोकलेन सह लगभग ६५९ ब्रास रेती अर्थात ६८.५६ लाख रुपये की रेती और ५५ लाख ५३हज़ार ६०० रूपए की २ पोकलेन जप्त किया गया,आगे की कार्रवाई जारी हैं।

    इस संबंध में नायब तहसीलदार ने बताया कि उक्त करवाई सावनेर के तहसीलदार प्रताप वाघमारे के सख्त निर्देश पर किया गया। तहसीलदार वाघमारे ने बताया कि उक्त अवैध उत्खनन की जानकारी मिलते ही मंडल अधिकारी सह टीम को कार्रवाई के लिए भेजा गया,जिन्होंने रंगे हाथ अवैध रेती उत्खनन करते रेत माफिया राय टीम को पकड़ा। जिनसे 2 पोकलेन और 850 ब्रास रेती अर्थात 250 ट्रक रेत जप्त किया गया। तहसीलदार ने जानकारी दी कि खेत मालक और अवैध रेती उत्खनन करने वाले और जिनकी 2 पोकलेन जप्त की गई,उन्हें SHOW CAUSE NOTICE दी गई।

    उल्लेखनीय यह हैं कि करजघाट से पिछले 1 माह से रोजाना 150 ट्रक के आसपास अवैध रेती का उत्खनन का क्रम जारी था,जिसकी जानकारी जिला प्रशासन को दी गई,जिन्होंने नज़रअंदाज किया,जिसके कारण रेती चोरी का प्रमाण बढ़ गया था। जबकि किसी को मिटटी मिश्रित रेत उठाने और रेत उत्खनन की अनुमति नहीं दी गई हैं.

    Stay Updated : Download Our App
    Mo. 8407908145