Published On : Tue, Feb 17th, 2015

वर्धा : किसान आत्महत्या के 16 मामले पात्र


दो घटनाओं की फिरसे जांच, तीन मामले अपात्र

किसान आत्महत्या मामले में जिलास्तरीय समिति बैठक

वर्धा। किसान आत्महत्या के संदर्भ में कुल 21 मामले है. जिसके के लिए किसान आत्महत्या मामले में जिलास्तरीय बैठक रखी गई थी. उसमे से 16 मामले पात्र पाए गए. वहीं दो मामलों की फिरसे जांच और तीन मामले अपात्र पाये गए.

जिलाधिकारी कार्यालय के सभागृह में किसान आत्महत्या के संबंध में जिला स्तरीय समिती की बैठक ली गई. बैठक में अध्यक्ष स्थान पर जिलास्तरीय संजय भागवत थे. इस दौरान दत्‍तपूर के ग्रामोपयोगी विज्ञान केंद्र के सोहम पंडया, किसान प्रतिनिधी सदस्‍य नंदकिशोर तोटे, निमंत्रित सदस्‍य अनिल मेघे, केम के जिल्‍हा कार्यक्रम व्‍यवस्‍थापक, जिल्‍हा पोलिस अधीक्षक, जिल्‍हा सामान्‍य रूग्णालय आदी कार्यालय के अधिकारी उपस्थित थे.

बैठक में कुल 16 मामले मंजूर किये गए. इसमें वर्धा तालुका वडत के आशीष डेंगे, पिपरी के अशोक चौधरी, आष्‍टा के दिवाकर भोमले, देवली तालुका के विठ्ठल तायवाडे, विजय मंगरूलकर,  पिंपलगाव (कुटे) के मारोती घोडे, सेलू तालुका के दीपक झाडे, आर्वी तालुका पिंपलगाव के मधुकर अरसडे, कारंजा तालुका बिहाडी के भाऊराव बोडखे, कोठीराम बोडखे, कारंजा के नारायण ईखार, सारवाडी के श्रीराम मोगरे, बेलगाव के अशोक शेंदरे, अंभोरा के  सुनील युनाथे, आष्‍टी तालुका साहूर के निलेश वरकड, हिंगणघाट बाबर्डा के अशोक उगे इन मृतकों के प्रकरण समिती ने पात्र ठहराएं है. तथा देवली तालुका पलसगाव के डोमाजी कांबले, सेलू तालुका की शेवंताबाई कोकसे, हिंगणघाट तालुका डायगव्‍हाण के दिवाकर कामडी इन मृतकों के मामले अपात्र ठहराए गए. तथा सेलू तालुका सेलडोह के सुहास सोनटक्‍के और आर्वी तालुका सोरटा के अर्जुन चवरे इन मृतकों के मामले फिर से जांच करने की समिति ने निर्णय लिया है.

Representational Pic

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