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    Published On : Thu, Nov 9th, 2017
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    मनपा में दर्जनों पर चल रही विभागीय जांच

    NMC Nagpur
    नागपुर: नागपुर महानगरपालिका एक तरफ कागजों पर स्मार्ट सिटी की ओर बढ़ रही है तो वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक कार्यों की गति धीमी किए जाने का हिसाब समझ से परे है।

    काम करनेवाले कर्मी या अधिकारियों पर उंगलियां उठीं तो विभागीय जांच बैठा दी जाती हैं और ज्यादा मामला गड़बड़ाया तो निलंबन की गाज गिराई जाती है। इस क्रम में प्रशासन अमूमन बड़े आधिकारियों एवं पहुंच रखने वाले आधिकारियों व कर्मियों को बड़ी सफाई से बचाते रहे हैं।

    जिन विवादास्पद कर्मियों को बचाना होता हैं,उनमें से कुछ पर विभागीय जांच की घोषणा कर उन्हें निलंबन से सुरक्षित कर लिया जाना आम है। अक्सर आम सभा के दौरान आधिकारियों को उनके विवादास्पद करतूतों पर प्रशासन व सत्तापक्ष बचाते हुए नज़र आ जाएंगे।

    जिन्हें निलंबित करने की नौबत आती है, निलंबित करने के बाद पहले 3 माह 50% फिर चेहरा देखकर 75% वेतन दिया जाता है। लेकिन विडंबना यह है कि न समय पर विभागीय जांच पूरी होती है और न निलंबित कर्मियों की जांच पूरी कर सेवा बहाल की जाती है।

    उल्लेखनीय यह है कि पिछले कुछ वर्षों से प्रत्येक माह दर्जनों कर्मी व अधिकारी सेवानिवृत्त हुए हैं। नई भर्ती बंद होने से मनपा में कर्मचारियों की कमी से रोजमर्रा के काम बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में नई भर्ती के बजाय सेवनिवृत कर्मचारियों को ठेका पद्दति पर नियुक्ति कर काम चलाया जा रहा है। जबकि मनपा में सक्षम कर्मियों की कमी नहीं है, सिर्फ पहुंच न होने से पदोन्नत नहीं किया जाता है।

    मनपा में अधिकांश विभाग जहां ज्यादा मनुष्यबल की जरूरत है ऐसे विभाग ठेकेदारी पर काम सौंप प्रशासन समय व्यतित कर रहा है। सुरक्षा, जल, कचरा, कॉम्प्यूटर सामान्य प्रशासन विभाग के अनुसार विभागीय जांच के दायरे में आने वालों में रमेश कोहाड़, एसबी लोखंडे, गोपाल रूसिया, शेषराव मांढरे, श्रीकांत भागडे, एजी वरंभे, अजय डहाके, बंडू सहस्त्रबुद्धे, डीबी मुडे, प्रमिला गोईकार, अनिल बगले,एजाज अंसारी, सुनील बावने, मनोज गेडाम, मोहम्मद फरीद मोहम्मद जाबिर, देवराव गजाम, सुनील तांबे, शशिकुमार पसेरकर, संजय काम्बले,रामेश्वर नन्दनवार, गोपाल पौनिकर, प्रेमानंद मोटघरे, किशोर कन्हेरे, अजय हथिबेड, मुनेश्वर रामटेके का समावेश है।

    और जो निलंबित किए गए उनमें अब्दुल लतीफ खान, निर्मला जाजू, किशोर कन्हेरे, मनोज गेडाम, रामेश्वर नन्दनवार, आरआर सतभैया, राजू वाडीघरे, मनोज निर्मल, तुलसीदास खोटे, अजय गोईकार, गोपाल पाठक, पुरुषोत्तम कंठावार, रामचंद्र हटवार व सुधीर फटिंग का समावेश है।


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