Published On : Thu, Mar 29th, 2018

महाराजबाग के आकर्षण का केंद्र रही बाघिन “जाई” की मौत

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नागपुर: नागपुर स्थित महाराज बाग चिड़ियाघर में गुरुवार को सुबह 5 बजे के करीब महाराजबाग का आकर्षण का केंद्र रही बाघिन ‘जाई’ की मौत हो गई . जानकारी के अनुसार पिछले तीन दिन से जाई की तबीयत काफी खराब थी. 10 साल की जाई को 2008 में चंद्रपुर के जंगलों से लाया गया था . जाई को उसकी बहन जूही के साथ 2 नवंबर 2008 को यहां लाया गया था . दरअसल ये दोनों अपनी मां से अलग हो गई थीं . 18 नवंबर को 2008 को जूही की मौत हो गई और जाई अकेली बची. कई सालों से वह नागपुर के महाराज बाग चिड़ियाघर में आकर्षण का केंद्र बनी हुई थी. जाई सांप काटने के बाद किडनी में इन्फेक्शन की समस्या से लंबे समय से बीमार थी. बीच में उसकी तबीयत में सुधार आने लगा था, जिसके बाद उसे दोबारा ट्रीटमेंट केज याने इलाजवाले पिंजरे में से चिड़ियाघर के ओपन केज में डाल दिया था. लेकिन अचानक पिछले तीन दिनों से जाई ने खाना-पीना बंद कर दिया था. इसी के चलते गुरुवार को जाई की मौत हो गई.

महाराजबाग के डॉक्टर डॉ. सुनील बावस्कर के अनुसार 3 से 4 दिनों से डिहाइड्रेशन की वजह से उसने फिर से खाना पीना छोड़ दिया था. कमजोरी की हालत में उसे ट्रीटमेंट केज में रखा गया था. पिछले वर्ष सांप काटने की वजह से उसकी किडनियां फेल हो चुकी थी. बावजूद इसके वह इस बिमारी से बाहर आ चुकी थी. काफी इलाज के बाद उसने खाना पीना शुरू किया था. लेकिन 25 मार्च को जाई की तबियत अचानक ख़राब हो गई. उसके रक्त की जांच की और उसे सलाइन देकर उसका इलाज शुरू किया गया. डॉक्टरों ने भी जाई की काफी देखभाल और इलाज किया था बावजूद इसके उसे बचाया नहीं जा सका. उन्होंने बताया कि फिलहाल उसका पोस्टमर्टम चल रहा है.

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