Published On : Sun, Mar 22nd, 2026
By Nagpur Today Nagpur News

नागपुर: वरिष्ठ नेता दत्तात्रेय मेघे का 89 वर्ष की उम्र में निधन, विदर्भ ने खोया ‘जननेता’

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नागपुर: महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद दत्तात्रेय ‘दत्ताभाऊ’ मेघे का रविवार शाम 89 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने नागपुर में शाम करीब साढ़े सात बजे अंतिम सांस ली। पिछले कुछ दिनों से वे अस्वस्थ थे और उनका इलाज चल रहा था।

दत्ताभाऊ मेघे पिछले पांच दशकों से अधिक समय तक सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे और विदर्भ में राजनीति, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में उनके योगदान को विशेष रूप से याद किया जाता है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस से की और बाद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए।

साल 1978 में शरद पवार के नेतृत्व वाली सरकार में वे पहली बार मंत्री बने। उन्होंने हमेशा दलगत राजनीति से ऊपर उठकर संबंध बनाए और एक ‘अजातशत्रु’ नेता के रूप में पहचान बनाई।

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राजनीति के साथ-साथ उन्होंने विदर्भ में शैक्षणिक संस्थानों और स्वास्थ्य सेवाओं का मजबूत नेटवर्क खड़ा किया। उनके प्रयासों से ग्रामीण और वंचित वर्गों को शिक्षा और इलाज की बेहतर सुविधाएं मिलीं।

नितिन गडकरी: “ऐसा बड़ा दिल वाला नेता फिर नहीं होगा”

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि दत्ताभाऊ उनके लिए बड़े भाई जैसे थे।

उन्होंने कहा कि मेघे के निधन से विदर्भ के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र को बड़ी क्षति हुई है। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि गड़चिरोली से लेकर मेलघाट तक उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों में मुफ्त चिकित्सा शिविरों के जरिए लोगों की सेवा की।

गडकरी ने कहा कि राजनीतिक मतभेद होने के बावजूद दत्ताभाऊ ने हमेशा उन्हें मार्गदर्शन और स्नेह दिया। उनका समावेशी नेतृत्व हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।

देवेंद्र फडणवीस: “विदर्भ से गहराई से जुड़ा सर्वसमावेशी व्यक्तित्व खो गया”

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दत्ताभाऊ मेघे के निधन को “बेहद दुखद” बताया।

उन्होंने कहा कि मेघे के जाने से विदर्भ के सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक जीवन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण व्यक्तित्व खो गया है। उन्होंने लोकसभा, राज्यसभा और विधान परिषद में जनता की आवाज मजबूती से उठाई।

फडणवीस ने कहा कि दत्ताभाऊ ने हमेशा पद से ज्यादा मानवता को महत्व दिया और उनका सेवाभाव व दातृत्व अनगिनत लोगों के जीवन को प्रभावित करता रहा।

उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में उनके योगदान को विशेष रूप से उल्लेखनीय बताते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों की स्थापना से विदर्भ की स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत हुई, जिसने कोविड-19 जैसे कठिन समय में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

महापौर नीता ठाकरे: “जननेता हरपला”

नागपुर की महापौर नीता ठाकरे ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि दत्ताभाऊ मेघे के निधन से एक सच्चे जननेता का निधन हुआ है।

उन्होंने कहा कि पिछले पांच दशकों में उन्होंने राजनीति, सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी। कठिन परिस्थितियों से उठकर उन्होंने जननेता के रूप में अपनी पहचान बनाई।

ठाकरे ने कहा कि उन्होंने हमेशा गरीब और वंचित वर्ग के लिए काम किया और उनके निधन से इन सभी क्षेत्रों को अपूरणीय क्षति हुई है।

दत्तात्रेय मेघे का निधन विदर्भ के लिए एक युग के अंत जैसा है। उनका राजनीतिक, सामाजिक और शैक्षणिक योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।

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