आरमोरी
आरमोरी के वनपरीक्षेत्र कार्यालय के पास स्थित लकड़ी के भंडार में बोगस चौकीदार और सागवान के रोपण में बोगस मजदूरों की संख्या दिखा कर पैसों की हेरा-फेरी का मामला उजागर हुआ है. इस प्रकरण की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाने की मांग शिवसेना जिला प्रमुख हरिष मने ने मुख्य वनसंरक्षक से की है.
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उल्लेखनीय है कि, आरमोरी आगार में नानाजी बाजीराव हरगुड़े को अरसोडा गांव का निवासी बताकर 1 सितंबर 2012 से 30 सितंबर 2012 तक यहां का चौकीदार दर्शाया गया है. उसके नाम पर 6468 रुपये वेतन के रूप में दिया गया बताया है. इतना ही नहीं कोठङा में सागवान भंडारण नं. 6 में बाजीराव हरगुड़े इनके मूलभूत रूप से गाव अरसोडा की निवासी है इनके बारे में ऐसा दर्शाया गया है तथा 23 जुलाई से 25 जुलाई 2009 इन तीन दिनों में उनकी काम पर मौजूदगी को दर्शाया गया है. दूसरे मजदूरो के नाम पर 11,695 रुपये की रकम वेतन के रूप में दिए जाने की बात कही गई है.
इन दोनों ही व्यक्तियों का गांव अरसोड़ा दिखाया गया है. जबकि यह झूठ है. इतना ही नहीं इस संदर्भ में अनेक तरह की शिकायतें सामने आई है. प्रकरण की संपूर्ण जांच करके दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग शिवसेना जिला प्रमुख हरिष मने ने मुख्य वनसंरक्षक से की है.

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