Published On : Fri, Jul 27th, 2018

सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण, इस राशि पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर

सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण अग्नि व जल तत्व की दो-दो राशियों को छोड़ शेष सभी पर भारी है. पृथ्वी और वायु तत्व की तो सभी राशियों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ने वाला है.

ग्रहण का प्रभाव लगभग 120 दिन तक रहता है. इसमें भी एक चंद्र चक्र अर्थात् गुरुपूर्णिमा से श्रावण पूर्णिमा तक विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है. इस चंद्रग्रहण का सबसे ज्यादा प्रभाव पृथ्वी तत्व की राशि मकर पर होगा क्योंकि इसी राशि में चंद्रग्रहण होगा. आगे की स्लाइड्स में जानिए राशियों पर चंद्रग्रहण के प्रभाव और नकारात्मक प्रभाव को कम करने के उपाय.

मेष– अग्नि तत्व की इस राशि पर चंद्रग्रहण का प्रभाव सौख्यकर है. कार्यक्षेत्र में शुभता और सक्रियता बनी रहेगी. योजनाएं फलीभूत होंगी. व्यक्तिगत प्रयासों में तेजी आएगी. महत्वपूर्ण प्रयासों में अप्रत्याशित सफलता संभव है. बड़ों की सलाह और सानिध्य का लाभ उठाएं.

वृष– पृथ्वी तत्व की इस राशि वालों को सम्मान हानि की आशंका है. धर्म, आस्था और आत्मविश्वास से आगे बढ़ें. नीति नियम नैतिकता रखें. गाय, डेयरी प्रॉडक्ट, भूमि और पशुधन का दान कर सकते हैं. परिजनों से तालमेल रखें. जल्दबाजी और जिद से बचें.

मिथुन- वायु तत्व की यह राशि वाणी व्यवहार और विचारों को बल देने वाली है. इस राशि से मोक्ष भाव में ग्रहण बन रहा है. शारीरिक कष्ट, अवसाद और आकस्मिक घटनाओं की आशंका है. संतुलित रहें. अनुशासन रखें. काष्ठ एवं कांस्य पात्र, पन्ना, फल और पुस्तकों का दान करें.

कर्क – जल तत्व राशि है. प्रकृति का सम्मान करें. जलीय क्षेत्रों का संवर्धन करें. साझा संबंधों में ग्रहण के प्रभाव से खटास बढ़ सकती है. जीवनसाथी को कष्ट की आशंका है. भूमि भवन के मामलों को टालें. क्षीर-नीर चालव श्वेत वस्तुओं वस्त्र चावल इत्यादि का दान करें.

सिंह– अग्नि तत्व की इस राशि के लिए ग्रहण शत्रुजय कराने वाला है. कामकाज में सहजता रहेगी. स्वास्थ्य संबंधी संकेतों को नजरअंदाज न करें. मिथ्यावार्ता और उधार से बचें. स्वर्ण घी, गेंहूं, रक्तचंदन, केसर और ताम्र, वस्तुओं का दान करें.

कन्या– संकल्पशील और व्यवहारिकता को बल देने वाली पृथ्वी तत्व राशि है. ग्रहण आत्मविश्वास में कमी और चिंता का कारक रह सकता है. करीबियों पर भरोसा रखें. प्रेम में संतुलन बढ़ाएं. स्वच्छ प्रतिस्पर्धा का भाव रखें. पंचरत्न हरे-अनाज फल शंख और स्वर्णादि का दान करें.

तुला– वायु तत्व प्रधान राशि है. ग्रहण प्रभाव अनावश्यक आशंकाओं से ग्रस्त कर सकता है. भय और चिंता मुक्त रहें. अपनों से अधिक अपेक्षाएं न रखें. स्थान परिवर्तन संभव है. परिवार के मामलों में धैर्य और धर्म अपनाएं. चांदी स्फटिक ओपल हीरा सजावट एवं श्रृंगार की वस्तुओं का दान करें.

वृश्चिक – साहस और पराक्रम बढ़ाएगा ग्रहण प्रभाव. आर्थिक एवं वाणिज्यिक लाभ के संकेत है. जल तत्व प्रधान यह राशि विस्तार पर जोर देने वाली है. अति उत्साह से बचें. सूचना एवं संपर्क हितकर रहेगा. गुड़, मसूर, मूंगा, भवन, लालवस्त्र एवं फल का दान करें.

धनु– कुटुम्ब में क्लेश और मतभेद बढ़ा सकता है चंद्रग्रहण. मेहमान का हर संभव आदर करें. वाणी व्यवहार और संग्रह संरक्षण से परिस्थितियां अनुकूल होंगी. आकस्मिकता से बचें. यात्रा में सतर्कता रखें. स्वर्ण, रक्तचंदन, घी, पुखराज, मुद्रा, पीली वस्तुओं का दान करें. अग्नितत्व राशि है. क्रोध से बचें.

मकर- पृथ्वी तत्व की इसी राशि में चंद्रग्रहण होगा. अतिरिक्त सावधानी बरतें. शत्रुओं से सतर्क रहें. स्वास्थ्य संकेतों को नजरअंदाज न करें. यात्रा में सहजता रखें. साख प्रभावित हो सकती है. आंखों का खयाल रखें. उड़द, तिल, लौह महिषी, भूमि भवन, स्वर्ण कंबल आदि दान करें.

कुंभ– आर्थिक हानि की आशंका है. वायु तत्व राशि पर ग्रहण का प्रभाव आशंका और चिंता बढ़ा सकता है. रिश्तों में असहजता. न्यायिक मामलों में हार हो सकती है. स्वास्थ्य संकेत नजरअंदाज न करें. तेल, तिल, नीलम, नीली, नीलवस्त्र उड़द का दान करें. निशुल्क सेवाकार्य करें.

मीन- जल तत्व यह राशि ग्रहण से लाभांवित होगी. कार्य व्यापार विस्तार की योजनाएं सफल हो सकती हैं. आर्थिक पक्ष को बल मिल सकता है. प्रतिस्पर्धा में प्रभावपूर्ण रहेंगे. मित्रों का साथ समर्थन रहेगा. अप्रत्याशित सफलता संभव. घी स्वर्ण पीले अन्न फल और विद्या का दान करें.